विवाहित पुरुष से संबंध रेप नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, महिला की अपील खारिज…NV News

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NV News- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कानूनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अगर कोई महिला पूरी जानकारी के साथ किसी विवाहित पुरुष के साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाती है, तो बाद में इसे ‘रेप’ या ‘धोखाधड़ी’ के दायरे में नहीं लाया जा सकता। यह फैसला एक महिला द्वारा दायर की गई अपील को खारिज करते हुए सुनाया गया, जिसमें उसने पुरुष पर शारीरिक शोषण और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।

कोर्ट की टिप्पणी: “सहमति और जानकारी का महत्व”

जस्टिस की बेंच ने मामले के तथ्यों पर गौर करते हुए कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि महिला को शुरुआत से ही पता था कि संबंधित व्यक्ति विवाहित है। कानून के अनुसार, ‘रेप’ की परिभाषा में सहमति का अभाव मुख्य आधार होता है। यदि महिला अपनी मर्जी से और पुरुष की वैवाहिक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद रिश्ते में आगे बढ़ती है, तो इसे कानूनन बलात्कार (Rape) की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

धोखाधड़ी का आरोप भी खारिज

महिला ने पुरुष पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और धोखाधड़ी (420) का भी आरोप लगाया था। अदालत ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया। कोर्ट का मानना है कि जब महिला को यह पता था कि पुरुष पहले से विवाहित है, तो उसे यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए थी कि वह उससे शादी करेगा। अतः, इसे ‘धोखाधड़ी’ (Fraud) का मामला नहीं माना जा सकता।

कानूनी जानकारों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला उन मामलों में एक नजीर (Precedent) बनेगा जहाँ अक्सर सहमति से बने रिश्तों के टूटने के बाद रेप और धोखाधड़ी के आरोप लगाए जाते हैं। यह जजमेंट स्पष्ट करता है कि कानून का उपयोग निजी संबंधों में कड़वाहट आने के बाद प्रतिशोध लेने के लिए नहीं किया जा सकता।

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