छत्तीसगढ़ में मतांतरण विवाद के बीच बड़ा फैसला: बड़े तेवड़ा ग्राम सभा ने पूर्व सरपंच समेत 14 लोगों के ST प्रमाण पत्र निरस्त करने का प्रस्ताव किया पारित….NV News

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NV News- Kanker Gram Sabha Big Decision: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से आदिवासियों और मतांतरण (धर्म परिवर्तन) के विवाद के बीच एक बेहद बड़ी और अभूतपूर्व खबर सामने आ रही है। जिले के अंतागढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़े तेवड़ा में आयोजित एक विशेष ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से एक कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। ग्राम सभा में गांव के ही 14 मतांतरित (धर्म बदल चुके) व्यक्तियों के अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र (जाति प्रमाण पत्र) को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का कड़ा संकल्प प्रस्ताव पारित किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 14 लोगों की सूची में गांव के पूर्व सरपंच रजमन सलाम का नाम भी प्रमुखता से शामिल है।

कलेक्टर को सौंपा जाएगा प्रस्ताव का ज्ञापन

मिली जानकारी के अनुसार, बड़े तेवड़ा गांव में पिछले कुछ समय से मतांतरण को लेकर स्थानीय मूल जनजातीय समाज और धर्म परिवर्तन कर चुके परिवारों के बीच आंतरिक गतिरोध और विवाद की स्थिति बनी हुई थी। मूल आदिवासी समाज का आरोप है कि जो लोग अपनी मूल संस्कृति, परंपरा और देव-पद्धति को छोड़कर दूसरा धर्म अपना चुके हैं, वे संवैधानिक रूप से अनुसूचित जनजाति (ST) के तहत मिलने वाले आरक्षण और अन्य सरकारी लाभों के हकदार नहीं रह जाते। इसी मुद्दे को लेकर गांव के पारंपरिक प्रमुखों और ग्रामीणों की मौजूदगी में विशेष ग्राम सभा बुलाई गई। अब ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित इस वैधानिक प्रस्ताव और संकल्प पत्र के आधार पर सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कांकेर कलेक्टर से मुलाकात करेगा और उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपकर इन सभी 14 लोगों के जाति प्रमाण पत्र को सरकारी रिकॉर्ड से निरस्त करने की आधिकारिक मांग करेगा।

बस्तर संभाग में गहरा सकता है ‘डी-लिस्टिंग’ का मुद्दा

इस बड़े फैसले के बाद बस्तर अंचल की राजनीति और सामाजिक गलियारों में ‘डी-लिस्टिंग’ (धर्म बदलने वालों को एसटी सूची से बाहर करने की मांग) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। ग्राम सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि पेसा एक्ट (PESA Act) के तहत ग्राम सभा को अपनी सीमा के भीतर सामाजिक और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए व्यापक अधिकार प्राप्त हैं और इसी कानून के दायरे में यह निर्णय लिया गया है। पूर्व सरपंच रजमन सलाम समेत अन्य 14 लोगों के खिलाफ हुए इस एक्शन के बाद से इलाके के अन्य मतांतरित परिवारों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन और कांकेर कलेक्टोरेट की टीम अब इस संवेदनशील मामले पर कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की जांच कर रही है कि ग्राम सभा के इस प्रस्ताव पर आगे किस तरह की वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

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