हेल्थ अलर्ट: गर्मी और दूषित पानी से बढ़ा बीमारियों का कहर, जॉन्डिस-टायफाइड ने पकड़ी रफ़्तार…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। जलस्रोतों के सूखने और पाइपलाइनों में दूषित पानी की सप्लाई के कारण रायपुर के अस्पतालों में जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) के मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। जॉन्डिस और टायफाइड के मामले न केवल बढ़ रहे हैं, बल्कि गंभीर श्रेणी के मरीजों की संख्या भी चिंता का विषय बनी हुई है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह संकट दोहरे स्तर पर है:
पानी की कमी: पानी का स्तर नीचे गिरने और पुरानी पाइपलाइनों के चलते दूषित जल घरों तक पहुंच रहा है।
गर्मी का असर: अत्यधिक तापमान में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं, जो खाने-पीने की चीजों को दूषित कर देते हैं।
बाहरी खान-पान: सड़कों पर मिलने वाले खुले पेय पदार्थ और कटे हुए फल संक्रमण को सीधे शरीर में पहुंचा रहे हैं।
सावधान! इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर आप या आपके परिवार में किसी को भी ये समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
जॉन्डिस (पीलिया): आंखों का पीला होना, गहरी पेशाब आना, तेज कमजोरी और जी मचलना।
टायफाइड: कई दिनों तक रहने वाला बुखार, पेट में गंभीर दर्द, कब्ज या दस्त की समस्या।
डिहाइड्रेशन: चक्कर आना, बेहोशी और मुंह सूखना।
स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों की एडवाइजरी
स्थिति को देखते हुए रायपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी की है:
पानी को उबालें: पीने के पानी को अच्छी तरह उबालकर ठंडा करें और फिर इस्तेमाल करें।
बाहरी खान-पान से दूरी: होटल, ढाबे या ठेलों पर बिकने वाले खुले भोजन और बर्फ वाले पेय पदार्थों से परहेज करें।
ओआरएस और नींबू पानी: शरीर में पानी की कमी न होने दें, घर पर बने ताजा तरल पदार्थों का सेवन करें।
व्यक्तिगत स्वच्छता: हाथों को साबुन से धोने की आदत डालें।
प्रशासन की तैयारी:
रायपुर नगर निगम को दूषित पानी की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेने और पाइपलाइनों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ओआरएस (ORS) और आवश्यक दवाओं का स्टॉक बढ़ाया गया है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
