सरसों का तेल, ऑलिव या रिफाइंड? भारतीय कुकिंग के लिए कौन सा तेल सबसे बेहतर, डॉक्टर ने दी सलाह…NV News
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भारतीय किचन में खाना बनाने के लिए अलग-अलग तरह के तेलों का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे सरसों का तेल, रिफाइंड तेल और ऑलिव ऑयल। लेकिन सवाल यह उठता है कि इनमें से कौन सा तेल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। डॉक्टरों का कहना है कि तेल का चुनाव करते समय उसके पोषण, स्मोक पॉइंट और इस्तेमाल के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है।
कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार भारतीय कुकिंग के लिए सरसों का तेल काफी अच्छा माना जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इसका स्मोक पॉइंट भी ज्यादा होता है, इसलिए तड़का, फ्राई और सब्जी बनाने जैसी भारतीय स्टाइल कुकिंग में यह बेहतर माना जाता है।
ऑलिव ऑयल भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें हेल्दी फैट और एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और दिल की बीमारियों का खतरा घटा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऑलिव ऑयल ज्यादा तेज आंच पर पकाने के लिए हमेशा उपयुक्त नहीं होता और इसे हल्की कुकिंग या सलाद में ज्यादा इस्तेमाल किया
रिफाइंड तेल की बात करें तो कई लोग इसका इस्तेमाल इसलिए करते हैं क्योंकि इसका स्वाद हल्का होता है और यह आसानी से उपलब्ध होता है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक प्रोसेस्ड रिफाइंड तेलों का ज्यादा इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए सही नहीं माना जाता और इन्हें सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
डॉक्टरों की सलाह है कि किसी एक ही तेल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग हेल्दी तेलों को सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना बेहतर होता है। सरसों, मूंगफली, राइस ब्रान या सूरजमुखी तेल को बदल-बदलकर उपयोग करने से शरीर को अलग-अलग प्रकार के जरूरी फैटी एसिड और पोषक तत्व मिलते हैं।
निष्कर्ष: भारतीय कुकिंग के लिए सरसों का तेल सबसे उपयुक्त माना जाता है, जबकि ऑलिव ऑयल भी हेल्थ के लिए अच्छा है लेकिन इसे हल्की कुकिंग में ज्यादा इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। सबसे जरूरी बात यह है कि तेल का उपयोग सीमित मात्रा में किया जाए।
