बड़ी जिम्मेदारी: रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल लोकसभा ‘विशेषाधिकार समिति’ के सदस्य नियुक्त, संसदीय गरिमा की करेंगे रक्षा…NV News
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छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता और रायपुर लोकसभा सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने वाले बृजमोहन अग्रवाल के कद में राष्ट्रीय राजनीति में एक और इजाफा हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें सदन की सबसे शक्तिशाली समितियों में से एक, विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) का सदस्य मनोनीत किया है। यह समिति सदन और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच करती है। समिति की कमान पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद को सौंपी गई है, जो इसके अध्यक्ष होंगे।
बृजमोहन अग्रवाल को इस समिति में शामिल करना उनके लंबे विधायी अनुभव का परिणाम माना जा रहा है। वे लगातार 8 बार विधायक और छत्तीसगढ़ सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में देश की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले नेताओं में शामिल अग्रवाल की संसदीय कार्यप्रणाली पर पकड़ को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। यह पैनल 3 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुल 15 सदस्यों को स्थान मिला है।
विशेषाधिकार समिति का मुख्य कार्य संसद की गरिमा और सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना है। जब भी किसी सदस्य के खिलाफ अवमानना या विशेषाधिकार हनन की शिकायत प्राप्त होती है, तो लोकसभा अध्यक्ष उसे इस समिति के पास भेजते हैं। समिति तथ्यों की जांच कर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सदन को सौंपती है। बृजमोहन अग्रवाल के साथ इस समिति में जगदंबिका पाल, त्रिवेंद्र सिंह रावत और विपक्ष से मनीष तिवारी व कल्याण बनर्जी जैसे दिग्गज नेता भी शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ के राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को प्रदेश के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि बृजमोहन अग्रवाल की मौजूदगी से समिति को उनके जमीनी और प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा। रायपुर के कार्यकर्ताओं ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया है। अब अग्रवाल राष्ट्रीय स्तर पर संसदीय मर्यादाओं को अक्षुण्ण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे।
