समंदर में दिखेगा भिलाई का फौलाद: भारतीय नौसेना में आज शामिल होगा ‘INS अंजदीप’, युद्धपोत के निर्माण में लगा है BSP का स्पेशल स्टील…NV News
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भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए आज ‘आईएनएस अंजदीप’ (INS Anjadip) को विधिवत रूप से सेवा में शामिल किया जा रहा है। यह युद्धपोत ‘एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट’ (ASW SWC) प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया तीसरा जहाज है। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के लिए यह गौरव का क्षण है, क्योंकि इस शक्तिशाली युद्धपोत के पूरे ढांचे (Hull) और महत्वपूर्ण हिस्सों के निर्माण में भिलाई में निर्मित विशेष ग्रेड के स्टील का उपयोग किया गया है।
आईएनएस अंजदीप के निर्माण के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के भिलाई संयत्र ने उच्च गुणवत्ता वाला DMR-249A ग्रेड स्टील उपलब्ध कराया है। यह विशेष स्टील अपनी मजबूती, जंग प्रतिरोधकता और कम तापमान में भी टिके रहने की क्षमता के लिए जाना जाता है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भिलाई स्टील प्लांट का योगदान महत्वपूर्ण रहा है; इससे पहले आईएनएस विक्रांत जैसे विमानवाहक पोत में भी भिलाई का ही स्टील लगा था।
आईएनएस अंजदीप का नाम कारवार (कर्नाटक) के पास स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘अंजदीप द्वीप’ के नाम पर रखा गया है। यह जहाज अत्याधुनिक सोनार सिस्टम, टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर से लैस है, जो उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है। इसकी लंबाई लगभग 77.5 मीटर और चौड़ाई 10.5 मीटर है, जो इसे समुद्र के तटीय इलाकों में बेहद फुर्तीला और घातक बनाती है।
आज आयोजित होने वाले कमीशनिंग समारोह में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे श्रमिकों और इंजीनियरों की मेहनत का परिणाम है कि आज भारतीय सेनाएं देश के कोने-कोने में ‘भिलाई के फौलाद’ से सुरक्षित हैं। आईएनएस अंजदीप के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की निगरानी क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
