केरल अब हुआ ‘केरलम’: मोदी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक में नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी, ₹12,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पास…NV News

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सेवातीर्थ’ में आयोजित कैबिनेट की पहली ऐतिहासिक बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। लंबे समय से केरल विधानसभा द्वारा राज्य के नाम को मलयालम भाषा के अनुरूप ‘केरलम’ करने की मांग की जा रही थी, जिसे अब मोदी कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है। यह बदलाव राज्य की सांस्कृतिक पहचान और भाषाई जड़ों को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

नाम बदलने के अलावा, कैबिनेट बैठक में केरल के विकास के लिए 12,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इस बजट का उपयोग राज्य में बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से परिवहन, पर्यटन और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘केरलम’ के नाम से अब यह राज्य वैश्विक पटल पर अपनी नई पहचान के साथ उभरेगा, जिससे निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बैठक में ‘सेवातीर्थ’ स्थल का चयन भी चर्चा का विषय रहा, जहाँ पहली बार कैबिनेट की ऐसी उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। सरकार ने स्पष्ट किया कि विकास की मुख्यधारा में दक्षिण भारत के राज्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। ₹12,000 करोड़ के इस पैकेज में डिजिटल कनेक्टिविटी और कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जो ‘केरलम’ की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगे।

इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब राज्य सरकार को संविधान की अनुसूची 1 में संशोधन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना होगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केरल के अन्य नेताओं ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया है। नाम परिवर्तन की यह प्रक्रिया केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है, जो केरल के लोगों की अपनी भाषा के प्रति गौरव को दर्शाती है। आने वाले समय में सभी सरकारी दस्तावेजों और मानचित्रों में ‘केरल’ की जगह ‘केरलम’ शब्द का उपयोग किया जाएगा।

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