Farmer Poison Case: प्रशासन की जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा, दो अलग-अलग मामलों में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

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कोरबा। Hardibazar Tehsil, अंतर्गत दो किसानों द्वारा टोकन नहीं कटने और रकबा रिकॉर्ड में सुधार नहीं होने के आरोप लगाते हुए कीटनाशक पदार्थ का सेवन करने के मामलों के बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता से जांच शुरू की है। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनमें एक मामला पूरी तरह फर्जी पाए जाने की पुष्टि हुई है।

बिना फसल वाली जमीन पर टोकन कटवाने का प्रयास

Paddy Token Issue, प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरदीबाजार तहसील के ग्राम पुटा निवासी किसान समार सिंह गोंड़ ने सोमवार को टोकन नहीं कटने से आहत होकर जहर का सेवन किया था। घटना के बाद जब प्रशासन ने मामले की जांच की, तो पाया गया कि जिस खसरा नंबर की जमीन पर धान बेचने के लिए टोकन कटवाने का आवेदन दिया गया था, उस जमीन पर किसी प्रकार की फसल ही नहीं ली गई थी।

राजस्व अमले द्वारा मौके पर पहुंचकर की गई जांच में खेत खाली पाया गया।

पहले ही बेची जा चुकी थी जमीन

Fake Land Claim, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जिस जमीन के आधार पर किसान धान बेचने का प्रयास कर रहा था, वह जमीन पहले ही चांपा-जांजगीर निवासी एक व्यक्ति (राठौर नामक) को बिक्री की जा चुकी थी। इसके बावजूद किसान द्वारा उसी जमीन पर धान उत्पादन दिखाकर टोकन कटवाने का प्रयास किया गया।

एसईसीएल भू-अर्जन क्षेत्र में बढ़ी खरीदी-बिक्री

SECL land acquisition, यह उल्लेखनीय है कि हरदीबाजार तहसील के कई गांव एसईसीएल के भू-अर्जन क्षेत्र में आते हैं, जहां बीते कुछ वर्षों में जमीनों की खरीदी-बिक्री बड़े पैमाने पर हुई है। इसी वजह से रकबा रिकॉर्ड और स्वामित्व को लेकर विवाद के मामले सामने आते रहे हैं।

दूसरा मामला: रिकॉर्ड अपडेट की जानकारी के बावजूद उठाया कदम

Fake Land Claim, जहर सेवन का दूसरा मामला मंगलवार को सामने आया, जहां डगनिया झांझ निवासी किसान ने रकबा रिकॉर्ड में सुधार नहीं होने का आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय परिसर में ही जहर सेवन कर लिया।

इस मामले की जांच में सामने आया कि तहसील कार्यालय के बाबू और तहसीलदार द्वारा किसान को पहले ही जानकारी दी गई थी कि उसके आवेदन पर रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया चल रही है और एक-दो दिनों में सुधार कर दिया जाएगा। इसके बावजूद किसान द्वारा यह आत्मघाती कदम उठाया गया।

प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, तथ्यों के आधार पर करें शिकायत

District Administration, जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए हिंसक या आत्मघाती कदम उठाने के बजाय प्रशासनिक प्रक्रिया का सहारा लें।

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