CG liquor scam: हाईकोर्ट से जमानत के बाद जेल से रिहा हुए चैतन्य बघेल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उमड़ी भीड़

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को राहत मिली है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। चैतन्य बघेल की रिहाई के दौरान जेल के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

 

जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को कई सख्त शर्तों के आधार पर जमानत प्रदान की है। जमानत की प्रमुख शर्तों में अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करना, केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति को प्रलोभन या धमकी न देना, तथा मोबाइल नंबर या निवास स्थान में बदलाव होने पर कोर्ट को सूचित करना शामिल है।

 

आज सुबह जमानत का आदेश विशेष न्यायालय (डीजे कोर्ट) से प्राप्त होने के बाद वकीलों की एक टीम जेल पहुंची थी। औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही देर बाद चैतन्य बघेल जेल से बाहर आए।

 

मंत्री रामविचार नेताम का कांग्रेस पर हमला

 

चैतन्य बघेल की जमानत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ‘सत्यमेव जयते’ लिखे पोस्टर लगाए जाने पर सियासत तेज हो गई है। इस पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि,

“कवासी लखमा लंबे समय से जेल में बंद हैं, उनके लिए कभी ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगे? कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद पर आधारित है। गिरफ्तारी तथ्यों और बयानों के आधार पर होती है।”

 

जुलाई 2025 से जेल में थे बंद

गौरतलब है कि जुलाई 2025 से चैतन्य बघेल न्यायिक हिरासत में थे। करीब छह महीने बाद उन्हें शर्तों के साथ जमानत मिली है। कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने इसे ‘सत्य की जीत’ करार दिया है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले में चैतन्य बघेल और कवासी लखमा को राजनीतिक एजेंट बताते हुए पूरक चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में अब तक 80 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है।

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