छत्तीसगढ़ सरकार के दो साल पूरे: सीएम साय ने गिनाई उपलब्धियाँ, किसानों से लेकर नक्सल उन्मूलन तक बड़े फैसलों का दावा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान दोनों डिप्टी सीएम विजय शर्मा और अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के पांच वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “3 करोड़ लोगों के विश्वास के कारण ही आज हमारी सरकार विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है।” इस मौके पर सरकार की दो साल की उपलब्धियों पर वीडियो प्रस्तुति और विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया गया।

 

किसानों के लिए बड़ी राहत: 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी

सीएम साय ने बताया कि पिछली सरकार के समय 18 लाख से अधिक गरीब आवास से वंचित थे, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इन्हें स्वीकृति प्रदान की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जबकि दो वर्षों का लंबित बोनस 3716 करोड़ रुपये जारी किया जा चुका है।

महिलाओं के लिए चल रही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है।

 

73 लाख परिवारों को राशन, भूमिहीन किसानों को सालाना 10 हजार रुपये

सीएम ने बताया कि सरकार 73 लाख परिवारों को राशन दे रही है और 5.62 लाख भूमिहीन किसानों को प्रति वर्ष 10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं सुकन्या बचत खाते, सिलाई-कढ़ाई और घरेलू उद्योगों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

 

नक्सल उन्मूलन: पांच साल में 500 से अधिक नक्सली ढेर, 1000 ने आत्मसमर्पण किया

मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते वर्षों में नक्सलवाद पर नकेल कसने में बड़ी सफलता मिली है।

राज्य में पिछले पांच वर्षों में 500 से अधिक नक्सली मारे गए और 1000 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया।

उन्होंने कहा कि न्याय नेल्ला नार योजना से दंतेवाड़ा से लेकर बस्तर तक विकास की नई राहें खुली हैं और अब तक 400 गांवों का पुनर्वास हो चुका है।

 

रामलला दर्शन योजना से 38 हजार ने किए दर्शन

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं।

सीएम तीर्थ दर्शन योजना भी एक बार फिर शुरू की गई है।

राजिम कुंभ और बस्तर दशहरे के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।

 

नक्सलियों के लिए नई पुनर्वास नीति लागू

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर एक मजबूत पुनर्वास नीति बनाई है।

इसके तहत सरेंडर करने वाले नक्सलियों को तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये,

शहरी क्षेत्रों में चार डिसमिल जमीन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एक हेक्टेयर कृषि भूमि प्रदान की जाएगी।

कई आत्मसमर्पित नक्सली आज पंडुम कैफे चला रहे हैं और दूरस्थ क्षेत्रों में पहली बार बिजली पहुंचाई गई है।

 

विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रिवर-लिंकिंग से बदलेगा बस्तर का भविष्य

सीएम साय ने बताया कि विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे बस्तर के लिए गेम चेंजर साबित होगा।

इंद्रावती और महानदी को जोड़ने के लिए रिवर इंटरलिंकिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है।

साथ ही नगरनार स्टील प्लांट के पास 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री बस सेवा और शिक्षा सुधारों का जिक्र

मुख्यमंत्री बस सेवा योजना से सैकड़ों गांवों तक परिवहन सुविधा पहुंची है।

शिक्षा क्षेत्र में शिक्षक-विहीन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति,

900 स्मार्ट क्लासरूम, नई शिक्षा नीति और सरकारी स्कूलों में पीटीएम सिस्टम लागू किया गया है।

 

आदिवासी विकास के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना

प्रदेश की 32% आबादी आदिवासी समुदाय से है।

सरकार इनके उत्थान के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना और विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए अलग योजनाएँ चला रही है।

बैगा-गुनिया समुदाय को वार्षिक 5000 रुपये सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी उपलब्धियाँ राज्य के विकास, सुशासन और जनता के विश्वास का परिणाम हैं।

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