VGP योजना 2026: 2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं में शुरू होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना बनाने की प्रक्रिया….NV News
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NV News रायपुर, 25 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर राज्य स्तरीय जिला मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा में हुआ। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के सहायक परियोजना अधिकारियों और प्रोग्रामरों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण की अध्यक्षता विकसित भारत-जीरामजी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना तैयार करने में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। ग्राम सभा में गांव की जरूरतों और विकास की प्राथमिकताओं पर खुलकर चर्चा करने के साथ बस्ती और वार्ड स्तर तक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत स्तर पर सहभागी विकास योजना तैयार करने, डिजिटल मैपिंग, परिसंपत्तियों के सत्यापन और विभिन्न योजनाओं के समेकन की प्रक्रिया समझाई गई। बताया गया कि 2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं के माध्यम से योजना निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। ग्रामीणों को गांव के आधारभूत आंकड़ों, उपलब्ध संसाधनों, मानचित्रों और प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। इसके आधार पर ग्रामीण अपनी जरूरतों और विकास की प्राथमिकताएं तय करने में भागीदारी करेंगे।
अक्टूबर-नवंबर में होगा ग्रामीणों से सीधा संवाद
अक्टूबर और नवंबर में बस्ती एवं वार्ड स्तर पर बैठकें आयोजित कर ग्रामीणों से समस्याओं, आवश्यक सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और विकास कार्यों को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। गांव में मौजूद परिसंपत्तियों का स्थल सत्यापन भी किया जाएगा। ऐसी परिसंपत्तियां जो जमीन पर मौजूद हैं, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, उन्हें युक्तधारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। प्रस्तावित विकास कार्यों के स्थानों को डिजिटल मानचित्र पर भी चिह्नित किया जाएगा।
दिसंबर में ग्राम सभा करेगी योजना का अनुमोदन
दिसंबर में तैयार विकसित ग्राम पंचायत योजना का प्रारूप ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। ग्रामीणों के सुझाव और विचार-विमर्श के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा और ग्राम सभा से औपचारिक अनुमोदन लिया जाएगा। इसके बाद योजना विकासखंड स्तर पर भेजी जाएगी। ग्राम पंचायतों से प्राप्त योजनाओं का विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन 15 जनवरी तक पूरा किया जाएगा।
जल सुरक्षा और ग्रामीण अधोसंरचना पर रहेगा जोर
विकसित ग्राम पंचायत योजना में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचना और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना बनाते समय गांव में उपलब्ध प्राकृतिक और भौतिक संसाधनों का भी आकलन किया जाएगा। प्रशिक्षण में संयुक्त आयुक्त रामाधन श्रीवास, दीपक शर्मा, अधीक्षण अभियंता विनय गुप्ता, सहायक आयुक्त यशवत चंद्राकर, राज्य एमआईएस नोडल अधिकारी मजहर शामी और संकाय सदस्य आनंद रघुवंशी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

