होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिकी नौसेना ने की बड़ी कार्रवाई…NV News
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NV News- अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर सैन्य टकराव में बदल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को ‘धरती से मिटा देने’ (Blown off the face of the Earth) की सख्त चेतावनी के बाद, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही ईरान की 7 छोटी सैन्य नावों (Fast Boats) को अमेरिकी अपाचे और सीहॉक हेलीकॉप्टरों ने मार गिराया है। यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (Project Freedom) चला रहा है।
इस नौसैनिक झड़प की शुरुआत तब हुई जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी युद्धपोतों (USS Truxtun और USS Mason) और वाणिज्यिक जहाजों पर क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से हमला करने की कोशिश की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अमेरिकी बलों ने न केवल अपनी रक्षा की, बल्कि हवाई कवर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के जरिए सभी वाणिज्यिक जहाजों को भी सुरक्षित बचाया। हालांकि, दूसरी तरफ ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए इसे ‘झूठा’ करार दिया है। इस टकराव के बाद क्षेत्र में पहले से ही बेहद संवेदनशील चल रहा युद्धविराम (Ceasefire) अब पूरी तरह खतरे में आ गया है।
दरअसल, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद से ही दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को बंद कर दिया था, जिसके बाद अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान की समुद्री नाकेबंदी (Naval Blockade) कर रखी है। राष्ट्रपति ट्रंप के आक्रामक रुख और ताजा सैन्य कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका वैश्विक व्यापार मार्ग को बहाल करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व (Middle East) में वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने और एक पूर्ण सैन्य युद्ध भड़कने की आशंका काफी बढ़ गई है।
