Wildlife Crime: मछलियां खाने पर मगरमच्छ को उतारा मौत के घाट; करंट देकर शिकार करने वाले दो सगे भाई गिरफ्तार…NV News

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NV News बिलासपुर, 17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से वन्यजीव अपराध (Wildlife Crime) का एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रतनपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पचरा गांव में एक तालाब में मगरमच्छ को बिजली का जोरदार करंट देकर बेरहमी से मारने के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी भाई गांव के ही एक बड़े तालाब के मालिक हैं और उसमें व्यावसायिक रूप से मत्स्य पालन (मछली पालन) का काम करते हैं। पिछले कुछ समय से तालाब में एक मगरमच्छ आ गया था, जो तालाब की कीमती मछलियों को खा जाता था। मछलियों के हो रहे नुकसान से नाराज होकर दोनों भाइयों ने मगरमच्छ को रास्ते से हटाने की एक खतरनाक साजिश रची और तालाब के पानी व किनारों पर बिजली का लाइव करंट फैला दिया, जिसकी चपेट में आने से मगरमच्छ की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

अनुसूची-1 का संरक्षित जीव है मगरमच्छ; वन विभाग का कड़ा एक्शन

वन्यजीव अधिनियम के तहत मगरमच्छ को बेहद कड़ा कानूनी संरक्षण प्राप्त है:

गंभीर श्रेणी का अपराध: भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मगरमच्छ अनुसूची-एक (Schedule-I) का अत्यंत संरक्षित वन्यजीव है। इसका शिकार करना या इसे नुकसान पहुंचाना कानूनन एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

ऐसे खुली पोल: तालाब में मगरमच्छ के शिकार और उसकी मौत का मामला सामने आते ही वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर आ गई। वन परिक्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में शुरू हुई गहन जांच में तालाब के मालिकों (दोनों भाइयों) की संलिप्तता के पुख्ता सबूत और गवाह सामने आए।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल: पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों सगे भाइयों को धर दबोचा। आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर बिलासपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए।

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