सामूहिक खुदकुशी कांड में बड़ा खुलासा: सूदखोरों के आतंक से तबाह हुआ 5 लोगों का परिवार; पुलिस ने दो आरोपियों को लिया हिरासत में…NV News
Share this
NV News रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक खुदकुशी और सनसनीखेज हत्याकांड मामले में पुलिस की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला और दर्दनाक खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच अब रसूखदार सूदखोरों के संगठित आतंक की तरफ मुड़ गई है।
पुलिस सूत्रों और साजिद के करीबियों से मिली जानकारी के अनुसार, पेशे से मैकेनिक सैय्यद साजिद अली की आर्थिक स्थिति पिछले कुछ समय से बेहद खराब चल रही थी। इसी लाचारी और मजबूरी का फायदा उठाकर शहर के दो कुख्यात सूदखोरों फिरोज और मुन्ना ने साजिद को अपने जाल में फंसा लिया। साजिद ने अपनी जरूरतों के लिए इन दोनों से कुछ कर्ज लिया था, जिसके बदले में दोनों आरोपी हर महीने बेहद भारी-भरकम और गैरकानूनी ब्याज (सूद) वसूल रहे थे।
घर पर गुंडे भेजकर सरेआम दी जाती थी धमकियां
मोहल्ले के लोगों और साजिद के रिश्तेदारों से की गई शुरुआती पूछताछ में सूदखोरों की बर्बरता की दास्तान सामने आई है:
सरेआम जलील करना: जब भी साजिद सूद की मोटी रकम समय पर नहीं दे पाता था, तो फिरोज और मुन्ना उसके किराए के मकान पर गुंडे और बदमाश भेजते थे।
परिवार को धमकी: आरोपियों के गुंडे साजिद को सरेआम गालियां देते थे और उसकी अनुपस्थिति में परिवार की महिलाओं और बच्चों को जान से मारने की सीधी धमकियां दे रहे थे।
बदनामी और लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार गहरे मानसिक अवसाद (Depression) और खौफ के साए में जीने को मजबूर था, जिसके चलते अंततः पूरे परिवार का खात्मा हो गया।
दो आरोपी हिरासत में, पुलिस खंगाल रही है कॉल रिकॉर्ड्स
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी फिरोज और मुन्ना को हिरासत में ले लिया है। पुलिस दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। साजिद और आरोपियों के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है और साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डायरी या सुसाइड नोट और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 108 बीएनएस / पुरानी धारा 306 आईपीसी) और अवैध सूदखोरी अधिनियम के तहत सख्त गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

