Success Story – गांव तक पहुँचा ‘नल से जल’; 52 किमी दूर सीमावर्ती गांव की वर्षों पुरानी प्यास बुझी…NV News
Share this
NV News – नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में विकास की बयार अब जमीनी स्तर पर दिखने लगी है। नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सुदूर और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित एक सीमावर्ती गांव में जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव के ग्रामीणों के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं है, क्योंकि दशकों से यहाँ के लोग पीने के पानी के लिए प्राकृतिक नालों और झरिया (कच्चे कुओं) पर निर्भर थे।
दुर्गम रास्तों और चुनौतियों को मात देकर पहुँची पाइपलाइन
अबूझमाड़ का यह इलाका अपनी भौगोलिक विषमताओं और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। ऐसे क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाना और सोलर आधारित जलापूर्ति प्रणाली स्थापित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती थी।
कठिन भौगोलिक स्थिति: पथरीले रास्तों और नदी-नालों को पार कर निर्माण सामग्री पहुँचाना मुश्किल था।
तकनीकी समाधान: बिजली की अनुपलब्धता को देखते हुए यहाँ सोलर पंप आधारित जल प्रदाय योजना को प्राथमिकता दी गई।
घर-घर कनेक्शन: योजना के तहत गांव के हर घर में नल कनेक्शन दिया गया है, जिससे अब महिलाओं को पानी के लिए मीलों दूर पैदल नहीं जाना पड़ेगा।
ग्रामीणों के चेहरे पर खिली मुस्कान
गांव के निवासियों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए पहाड़ियों के नीचे स्थित नालों तक जाना पड़ता था, जहाँ बरसात के दिनों में पानी गंदा और बीमारियों का कारण बनता था। अब घर के आंगन में ही शुद्ध पानी मिलने से समय की बचत होगी और जलजनित रोगों से भी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और जल जीवन मिशन की टीम का आभार व्यक्त किया है।
प्रशासन का लक्ष्य: हर घर तक विकास
नारायणपुर कलेक्टर के मार्गदर्शन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा इस योजना को समय सीमा में पूरा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पाइप बिछाना नहीं, बल्कि सुदूर अंचलों में जीवन स्तर को सुधारना है। ओरछा ब्लॉक के अन्य अंदरूनी गांवों में भी इसी तरह की योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है ताकि विकास की मुख्यधारा से कोई भी गांव अछूता न रहे।
