‘शोले’ स्टाइल ड्रामा! प्रेमिका को बुलाने की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ा आशिक, घंटों तक मची अफरा-तफरी…NV News
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गाजीपुर: यूपी के गाजीपुर जिले के शादियाबाद थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक ने अपनी प्रेमिका को पाने के लिए फिल्मी अंदाज में ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ रचा। प्यार की जिद में यह आशिक फिल्म ‘शोले’ के वीरू की तरह एक ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़ा और नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। उसकी एक ही शर्त थी—”जब तक मेरी प्रेमिका यहाँ नहीं आएगी, मैं नीचे नहीं उतरूंगा।” इस वाकये ने न केवल स्थानीय लोगों को हिलाकर रख दिया, बल्कि पुलिस-प्रशासन के भी पसीने छुड़ा दिए।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, शादियाबाद क्षेत्र में रहने वाले इस युवक का किसी युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद युवक इतना विचलित हो गया कि वह सीधे इलाके में स्थित एक मोबाइल टॉवर पर जा चढ़ा। उसे ऊपर चढ़ता देख नीचे खड़े राहगीरों के होश उड़ गए। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ जमा हो गई और किसी ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। टावर के ऊपर बैठा युवक बार-बार चिल्लाकर कह रहा था कि जब तक उसकी प्रेमिका उसे लेने नहीं आएगी, वह आत्मघाती कदम उठा लेगा।
घंटों चला ‘मनाओ-मनाई’ का दौर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने युवक को नीचे उतारने की काफी कोशिश की, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। वह बार-बार अपनी मांग दोहरा रहा था, जिससे इलाके में घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आस-पास के घरों की छतों पर लोग इस मंजर को देखने के लिए जमा हो गए। लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की कि यह कदम जानलेवा हो सकता है, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा।
प्रशासन के छूटे पसीने
फिल्मी स्टाइल में किए गए इस ड्रामे ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दीं। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने युवक के परिजनों को भी बुलाया और उससे मोबाइल पर बात कराकर नीचे उतरने की अपील की। ऐसी घटनाओं से समाज में गलत संदेश जाता है, साथ ही यह जान जोखिम में डालने वाला कृत्य है। प्रशासन का कहना है कि कानून को हाथ में लेना या इस तरह का दबाव बनाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामा के दौरान शादियाबाद का इलाका पूरे दिन चर्चा का केंद्र बना रहा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब भावनाएं संतुलन खो देती हैं, तो लोग अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालने से भी गुरेज नहीं करते।
