अबूझमाड़ से हटेगा ‘अबूझ’ का टैग: सदियों से गुमनाम रहे 497 गांवों का पहली बार होगा राजस्व सर्वे….NV News

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NV News- बस्तर संभाग का ‘अबूझमाड़’ क्षेत्र, जिसे दशकों तक एक रहस्यमयी और दुर्गम इलाके के रूप में जाना जाता रहा है, अब मुख्यधारा की विकास यात्रा में शामिल होने की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अबूझमाड़ के 497 ऐसे गांवों का राजस्व सर्वे (Revenue Survey) कराने का बीड़ा उठाया है, जो अब तक प्रशासनिक रिकॉर्ड और विकास की पहुंच से दूर रहे हैं। यह कदम क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक तस्वीर बदलने के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

अबूझमाड़ के इन गांवों का अब तक कोई विधिवत राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण वहां के निवासियों को न केवल भूमि स्वामित्व के अधिकारों से वंचित रहना पड़ता था, बल्कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन तक नहीं पहुंच पाता था। इस सर्वे के माध्यम से इन गांवों की सीमाएं तय की जाएंगी, जमीन का सीमांकन होगा और निवासियों को उनके भूमि अधिकार मिलेंगे। यह न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास के दरवाजे खोलने का काम करेगा।

सर्वे का यह कार्य चुनौतीपूर्ण जरूर है क्योंकि अबूझमाड़ का क्षेत्र अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों और दुर्गम रास्तों से घिरा हुआ है। जिला प्रशासन इसके लिए विशेष टीमों का गठन कर रहा है, जो आधुनिक तकनीक और मैपिंग संसाधनों का उपयोग करके इन गांवों की वास्तविक स्थिति दर्ज करेंगी। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस पहल को लेकर उम्मीद जगी है, क्योंकि इस प्रक्रिया से उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

यह ऐतिहासिक कदम बस्तर के विकास में ‘नए अध्याय’ की तरह देखा जा रहा है। सरकार की मंशा इन गांवों को विकास के नक्शे पर लाकर वहां के निवासियों को आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में, यह सर्वे न केवल अबूझमाड़ से ‘अबूझ’ (अनजान) होने का टैग हटाएगा, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ के विकासशील क्षेत्रों की सूची में प्रमुखता से शामिल करेगा।

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