Rare Medical Case: कुदरत का क्रूर मजाक! 19 साल के युवक का शरीर बना ‘मछली’, अंगों ने भी दिया जवाब…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने चिकित्सा जगत को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक 19 वर्षीय युवक एक ऐसी दुर्लभ और रहस्यमयी बीमारी की चपेट में है, जिसने उसके शरीर को किसी इंसान के बजाय ‘मछली’ जैसा रूप दे दिया है। युवक की पूरी त्वचा सख्त होकर पपड़ियों की तरह झड़ने लगी है। दुखद बात यह है कि यह बीमारी केवल त्वचा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने शरीर के भीतर भी हमला कर दिया है, जिससे युवक के हार्ट और किडनी की कार्यक्षमता लगभग खत्म हो गई है।
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला ‘इचथ्योसिस’ (Ichthyosis) का एक अत्यंत गंभीर और दुर्लभ रूप हो सकता है। इसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य गति से नहीं निकल पातीं और मृत त्वचा जमा होकर मछली के शल्क (scales) जैसा कड़ा आवरण बना लेती हैं। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के लिए भी यह केस एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि त्वचा के इस संक्रमण ने अब ‘सेप्सिस’ का रूप ले लिया है, जिससे युवक के मुख्य अंगों (मल्टी-ऑर्गन) पर बुरा असर पड़ा है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
युवक के परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय है। माता-पिता ने बताया कि सालों से वे अपने बेटे को तड़पता देख रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें वह इलाज नहीं मिल सका जो शायद उसकी जान बचा सकता था। अब जब युवक का हार्ट और किडनी फेल होने की कगार पर हैं, तो उसे लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की टीम पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन वे भी मानते हैं कि इतने एडवांस स्टेज पर पहुँच चुकी इस बीमारी का इलाज स्थानीय स्तर पर मुमकिन नहीं है।
इस ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामले ने एक बार फिर दुर्लभ बीमारियों के प्रति जागरूकता और सरकारी मदद की कमी को उजागर किया है। फिलहाल, अंबिकापुर के लोग और परिजन शासन-प्रशासन की ओर देख रहे हैं कि शायद कोई चमत्कार हो और युवक को बड़े अस्पताल में रेफर किया जा सके। यह घटना न केवल एक स्वास्थ्य बुलेटिन है, बल्कि एक चीख है उस बेबसी की, जहाँ एक युवा अपनी ही चमड़ी के बोझ तले दम तोड़ रहा है।
