खाकी पर दाग: बस्तर एसपी ऑफिस में ₹2 करोड़ का बड़ा घपला, अफसर के डिजिटल सिग्नेचर का गलत इस्तेमाल कर 3 आरक्षक गिरफ्तार…NV News

Share this

NV News जगदलपुर, 1 जुलाई 2026। जिस पुलिस महकमे पर कानून की रक्षा और सरकारी खजाने की सुरक्षा का जिम्मा होता है, उसी के भीतर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बस्तर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय की वेतन शाखा में करोड़ों रुपये के गबन का खुलासा होने से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी ऑफिस में ही पदस्थ तीन आरक्षकों (कांस्टेबलों) को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने बेहद शातिर तरीके से पिछले तीन वर्षों के दौरान वेतन देयकों (सैलरी बिलों) में कूटकरण (फर्जीवाड़ा) कर दो करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि का गबन किया है।

शुरुआती जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरक्षक वेतन शाखा के कामकाज से जुड़े हुए थे। इन्होंने hai nउच्च अधिकारी के ‘डिजिटल सिग्नेचर’ (DSC) का गलत इस्तेमाल कर फर्जी बिल तैयार किए और ट्रेजरी के माध्यम से सरकारी पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिया। यह पूरा खेल पिछले 3 साल से बेहद गोपनीय तरीके से चल रहा था। जब हाल ही में ऑडिट और आंतरिक वित्तीय समीक्षा के दौरान वेतन खातों में बड़ी विसंगतियां पाई गईं, तब इस महाघोटाले की परतें खुलीं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जब बारीकी से जांच की गई, तो तीनों आरक्षकों की भूमिका सीधे तौर पर उजागर हो गई।

इस बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद बस्तर एसपी के निर्देश पर तीनों आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की भी गहन जांच कर रहा है कि इस दो करोड़ रुपये के गबन में क्या विभाग के कुछ अन्य लोग या बैंक कर्मचारी भी शामिल थे। पुलिस महकमे के भीतर हुए इस बड़े वित्तीय भ्रष्टाचार ने आंतरिक सुरक्षा और डिजिटल सिग्नेचर के प्रमाणीकरण की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share this

You may have missed