जमीन से निकला ‘सोने का हंडा’ बताकर थमा दिया नकली सोना; पुलिस की गिरफ्त में अंतरराज्यीय गिरोह के 5 शातिर ठग!…NV News
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NV News Durg: इक्कीसवीं सदी के इस आधुनिक और डिजिटल दौर में भी लोग अंधविश्वास और रातों-रात अमीर बनने के चक्कर में कितनी आसानी से ठगी का शिकार हो जाते हैं, इसका एक बेहद हैरान करने वाला उदाहरण दुर्ग जिले में देखने को मिला है। दुर्ग जिला पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर और हाई-प्रोफाइल अंतरराज्यीय ठग गिरोह (Inter-State Gang) का पर्दाफाश किया है, जो भोले-भले और लालची लोगों को अपनी बातों के जाल में फंसाता था। यह गिरोह लोगों को जमीन की खुदाई के दौरान प्राचीन ‘सोने का हंडा’ और जादुई खजाना मिलने की मनगढ़ंत कहानी सुनाता था और फिर असली सोने के नाम पर पीतल और नकली धातु से बने आभूषण कौड़ियों के भाव बेचकर लाखों रुपये की चपत लगा देता था। दुर्ग पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 मुख्य ठगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे। ये सबसे पहले ऐसे संपन्न लोगों को चिन्हित करते थे जो गड़े हुए खजाने या तंत्र-मंत्र जैसी बातों पर आसानी से विश्वास कर लेते हैं। इसके बाद गिरोह का एक सदस्य पीड़ित के पास जाकर बेहद गोपनीय अंदाज में बताता था कि उन्हें जमीन से एक पुराना तांबे या मिट्टी का हंडा मिला है, जो शुद्ध सोने के सिक्कों और आभूषणों से भरा हुआ है। पीड़ित को जाल में फंसाने और विश्वास जीतने के लिए ये लोग शुरुआत में एक-दो असली सोने के सिक्के भी दिखाते थे और उसकी शुद्धता जांचने को कहते थे। जब पीड़ित को भरोसा हो जाता था, तो वे पुलिस और सरकार के डर से उसे बेहद कम दाम में पूरा हंडा बेचने का सौदा तय कर लेते थे।
सौदा तय होने के बाद आरोपी पीड़ित से मोटी रकम (लाखों रुपये) ले लेते थे और बदले में नकली पीतल के आभूषणों से भरा हंडा थमाकर मौके से रफूचक्कर हो जाते थे। जब पीड़ितों को ठगी का अहसास होता, तब तक बहुत देर हो चुकी होती थी। लगातार मिल रही ऐसी ही कुछ शिकायतों के बाद दुर्ग पुलिस कप्तान के निर्देशन में एक विशेष क्राइम ब्रांच (Anti Crime & Cyber Unit) की टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों के जाल की मदद से घेराबंदी की और इस अंतरराज्यीय गिरोह के 5 शातिर सदस्यों को धर दबोचा। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकली सोना, पीतल के सिक्के, फर्जी दस्तावेज और ठगी की रकम बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

