Corporation: रायपुर नगर निगम का महा-राजस्व अभियान; एक ही दिन में 630 संपत्तियों से वसूले ₹1.21 करोड़, करदाताओं को 30 जून तक मिलेगी 6.25% की बड़ी छूट…NV News
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NV News- Raipur Municipal Corporation Property Tax (रायपुर नगर निगम संपत्ति कर): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को वित्तीय और बुनियादी ढांचे के मामले में आत्मनिर्भर और सुदृढ़ बनाने के लिए रायपुर नगर पालिक निगम ने टैक्स डिफाल्टरों और बड़े बकायादारों के खिलाफ अपना सबसे बड़ा राजस्व वसूली अभियान छेड़ दिया है। नगर निगम के राजस्व विभाग ने एक ही दिन में रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न वार्डों और जोनों में बिखरी कुल 630 संपत्तियों से 1 करोड़ 21 लाख 33 हजार 177 रुपये के भारी-भरकम राजस्व की ऑन-स्पॉट वसूली की है। नगर निगम के नवनियुक्त और कड़क रुख वाले आयुक्त संबित मिश्रा के कड़े दिशा-निर्देशों और स्पष्ट हिदायत के बाद सोमवार, 22 जून 2026 को निगम के राजस्व अधिकारियों, वार्ड प्रभारियों और कर संग्रहक्षकों की संयुक्त टीमों ने सुबह से ही शहर के व्यावसायिक और आवासीय परिसरों में दबिश देना शुरू कर दिया था। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से पूरे रायपुर शहर के बड़े कर चोरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही, निगम प्रशासन ने नियमित रूप से ईमानदारी से टैक्स चुकाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ी राहत योजना की भी घोषणा की है, जिसके तहत आगामी 30 जून 2026 तक अपने चालू वित्तीय वर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स का एकमुश्त भुगतान करने वाले सभी करदाताओं को कुल टैक्स राशि में 6.25 प्रतिशत की सीधी और विशेष छूट (Rebate) प्रदान की जा रही है।
सोमवार को हुए इस महा-राजस्व अभियान के आंकड़ों का जोन-वार विश्लेषण करें तो नगर निगम के सभी जोनों में वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक स्वस्थ प्रशासनिक होड़ देखने को मिली। इस कड़ी में सबसे शानदार और आक्रामक प्रदर्शन जोन क्रमांक 4 की टीम का रहा, जिसने केवल एक दिन में अपने क्षेत्र की 68 बड़ी संपत्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए सर्वाधिक 33 लाख 47 हजार 497 रुपये का बकाया राजस्व सीधे सरकारी खजाने में जमा कराया। इसके बाद दूसरे स्थान पर जोन क्रमांक 10 रहा, जिसने मुस्तैदी दिखाते हुए अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सर्वाधिक 96 संपत्तियों से 18 लाख 99 हजार 504 रुपये का टैक्स वसूल किया।
इसी तरह, जोन क्रमांक 2 की टीम ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए 55 संपत्तियों के मालिकों से कुल 11 लाख 61 हजार 769 रुपये के राजस्व की रिकवरी की। जोन क्रमांक 5 के अमले ने भी पीछे न रहते हुए अपने क्षेत्र की 67 संपत्तियों पर कड़ा कानूनी शिकंजा कसा और 11 लाख 35 हजार 750 रुपये का टैक्स वसूला। वहीं, जोन क्रमांक 7 द्वारा भी सराहनीय प्रयास करते हुए 41 चिन्हित संपत्तियों से 10 लाख 43 हजार 793 रुपये का राजस्व एकत्र किया गया। निगम मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बाकी बचे हुए जोनों में भी वसूली की रफ्तार को इसी तरह बनाए रखने के लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
इस पूरे बड़े अभियान की समीक्षा करते हुए रायपुर नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों ने यह विशेष रूप से रेखांकित किया है कि शहर के विकास, सड़कों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी जन-सुविधाओं को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए नागरिकों द्वारा समय पर टैक्स का भुगतान किया जाना अत्यंत अनिवार्य है। यही वजह है कि निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने साफ कर दिया है कि 30 जून की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी बकायादार को कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। अंतिम तिथि बीत जाने के बाद टैक्स न पटाने वाले बड़े कमर्शियल मॉल, दुकानों, मैरिज हॉल और आवासीय परिसरों को सील करने (तालाबंदी) और उनकी संपत्तियों की कुर्की व बैंक खाते फ्रीज करने जैसी बेहद कठोर वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसके साथ ही, नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टैक्स जमा करने की व्यवस्था को बेहद सरल और सुलभ बना दिया है। रायपुर के नागरिक किसी भी नजदीकी जोन कार्यालय के कैश काउंटर पर जाकर या फिर नगर निगम की आधिकारिक डिजिटल वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या यूपीआई (UPI) के जरिए अपने संपत्ति कर का भुगतान चुटकियों में कर सकते हैं और 6.25 प्रतिशत की इस आकर्षक छूट का तत्काल लाभ उठा सकते हैं। निगम प्रशासन ने शहर के जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए और 30 जून की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना, तुरंत अपने नागरिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए रायपुर को स्वच्छ और स्मार्ट सिटी बनाने में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें।

