नगर निगम कंगाली की कगार पर: 22 करोड़ का भारी कर्ज, पेट्रोल-डीजल की उधारी बंद…NV News
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धमतरी: छत्तीसगढ़ का धमतरी नगर निगम इस समय गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। निगम पर विभिन्न विभागों का लगभग 22 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें बिजली और सिंचाई विभाग की बड़ी देनदारियां शामिल हैं। वित्तीय स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि पेट्रोल पंप संचालकों ने निगम को उधारी में ईंधन देना बंद कर दिया है। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ रहा है। ईंधन की कमी के चलते कचरा गाड़ियाँ खड़ी होने की नौबत आ गई है और निगम के सभापति को ई-रिक्शा से कार्यालय पहुँचकर अपना विरोध और मजबूरी दर्ज करानी पड़ी है।
अकेले बिजली विभाग का बकाया पिछले चार वर्षों में 10 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि प्रति माह बिजली का बिल 20 से 22 लाख रुपये आ रहा है। इसके अलावा, सिंचाई विभाग और अन्य मदों को मिलाकर कुल देनदारी 22 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। पेट्रोल पंपों का भी लगभग 50 लाख रुपये का बिल बकाया है, जिसके चलते पंप संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में महापौर और अन्य अधिकारी अपने निजी वाहनों या वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि निगम के वाहनों के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है।
इस संकट के कारण शहर की बुनियादी सुविधाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। निगम प्रशासन अब राजस्व वसूली में तेजी लाने और शासन से विशेष अनुदान की मांग करने की तैयारी में है। हालांकि, लंबे समय से चली आ रही इस वित्तीय अव्यवस्था ने निगम के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो शहर की स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति और स्वच्छता अभियान पूरी तरह ठप हो सकते हैं। प्रशासन अब कड़ाई से बड़े बकायादारों से टैक्स वसूलने की योजना बना रहा है ताकि इस वित्तीय भंवर से निकला जा सके।

