Monsoon Health Alert: बारिश में स्ट्रीट फूड का चस्का पड़ सकता है भारी; लिवर को डैमेज कर रही है यह आदत, हेपेटाइटिस का बढ़ा खतरा…NV News
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Bol Bharat 24 News: 18 जुलाई 2026। झुलसती गर्मी के बाद मानसून की फुहारें जहां एक तरफ राहत लेकर आती हैं, वहीं दूसरी तरफ यह मौसम अपने साथ बीमारियों का अंबार भी लाता है। बरसात के सुहावने मौसम में अक्सर लोगों का मन चटपटा और तीखा स्ट्रीट फूड (Street Food) जैसे गोलगप्पे, समोसे, चाट और पकौड़े खाने का करता है। लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन आपके लिवर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है और आपको सीधे अस्पताल पहुंचा सकता है।
लिवर इन्फेक्शन: हेपेटाइटिस ए और ई का सबसे बड़ा कारण
चिकित्सकों के अनुसार, मानसून के दौरान स्ट्रीट फूड खाने से लिवर में गंभीर संक्रमण (Liver Infection) होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है:
दूषित पानी का इस्तेमाल: गोलगप्पे के पानी, बर्फ के गोलों या चटनी में इस्तेमाल होने वाला पानी अगर दूषित हो, तो उसमें हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) और हेपेटाइटिस ई (Hepatitis E) के वायरस तेजी से पनपते हैं। यह सीधे इंसान के पाचन तंत्र और लिवर पर हमला करते हैं।
मक्खियां और नमी: बारिश के दिनों में हवा में नमी अधिक होती है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस का प्रसार तेजी से होता है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर बैठने वाली मक्खियां संक्रमण को एक जगह से दूसरी जगह फैलाती हैं।
कच्ची और कटी सब्जियां: चाट या सैंडविच में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सब्जियां (जैसे पत्तागोभी, प्याज, धनिया) अगर ठीक से न धोई गई हों, तो उनके जरिए हानिकारक परजीवी शरीर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं।
लिवर संक्रमण के मुख्य लक्षण: इन्हें न करें नजरअंदाज
यदि मानसून में बाहर का खाना खाने के बाद आपको निम्नलिखित में से कोई भी शिकायत होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
लक्षणों की सूची: अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना, लगातार उल्टी या जी मिचलाना, पेट के दाहिने हिस्से (जहां लिवर होता है) में तेज दर्द, हल्का या तेज बुखार आना, भूख पूरी तरह मर जाना, और आंखों व त्वचा का रंग पीला पड़ना (पीलिया या जॉन्डिस के संकेत)।
बचाव के तरीके: बारिश में कैसे रखें लिवर को सुरक्षित?
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी जीवनशैली में थोड़े बदलाव कर इस गंभीर बीमारी से बच सकते हैं:
घर का ताजा खाना: मानसून के महीनों में केवल घर पर बना गर्म और ताजा भोजन ही करें।
उबला हुआ पानी: पीने के लिए हमेशा उबले हुए या अच्छी तरह फिल्टर किए गए पानी का ही उपयोग करें।
बाहर के जूस और सलाद बंद: सड़क किनारे मिलने वाले गन्ने के रस, मिक्स फ्रूट जूस और पहले से कटकर रखे सलाद का सेवन बिल्कुल न करें।

