वित्तीय नियमों के नाम पर फाइलों को अटकाना कतई बर्दाश्त नहीं: रायपुर महापौर मीनल चौबे की ऑडिटर को दो टूक…NV News
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रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम में नव-नियुक्त ऑडिटर द्वारा भुगतानों और महत्वपूर्ण फाइलों के ऑडिट में की जा रही अत्यधिक देरी व लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने उन्हें तलब किया। बैठक में महापौर ने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वित्तीय अनुशासन और नियमों के तहत ऑडिट करने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। ऑडिटर नियमों की जांच 100 बार करें, यह उनका अधिकार है; लेकिन ऑडिट के नाम पर फाइलों को कई-कई दिनों तक दबाकर बैठना और नगर निगम के जरूरी कामों को रोकना पूरी तरह से अनुचित है।
महापौर मीनल चौबे ने अत्यंत नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऑडिटर के इस ढीले रवैये के कारण जहां एक ओर शहर के विकास कार्य करने वाले ठेकेदार अपने भुगतानों के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डीजल जैसे अत्यंत आवश्यक और आकस्मिक खर्चों की फाइलें भी चार-चार दिनों तक लंबित रखी जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों और ऑडिटर को सचेत किया कि यदि डीजल की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और अन्य आवश्यक नागरिक सेवाओं पर पड़ेगा, जिसे जनता के हित में किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए महापौर ने नव-नियुक्त ऑडिटर को निर्देश दिया है कि वर्तमान में लंबित सभी आवश्यक भुगतानों और डीजल से संबंधित फाइलों का निराकरण तत्काल एक निश्चित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही अब से आने वाली प्रत्येक फाइल के ऑडिट के लिए एक तार्किक समय-सीमा तय की जाएगी, ताकि कोई भी भुगतान अनावश्यक रूप से न अटके। महापौर ने स्पष्ट किया कि रायपुर की जनता का हित और शहर का निर्बाध विकास ही नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

