छत्तीसगढ़ में बड़ी वारदात टली: पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश, नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने 2 महिलाओं समेत 3 आरोपियों को दबोचा…NV News

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NV News- राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ देश की जानी-मानी समाजसेविका और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश की गई। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते इस बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया गया। घटना राजनांदगांव के सुकुलदैहान गाँव की है, जहाँ बेमेतरा जिले की रहने वाली एक महिला अपने दो अन्य साथियों (एक महिला और एक पुरुष) के साथ फूलबासन बाई के घर पहुँची थी। घर पर काफी देर तक बातचीत करने के बहाने आरोपियों ने उन्हें झांसा दिया और नीचे खड़ी कार तक ले आए। इसके बाद आरोपियों ने जबरन उन्हें कार के भीतर खींच लिया, कार लॉक की और मौके से फरार हो गए।

सफर के दौरान जब फूलबासन बाई ने शोर मचाने का प्रयास किया, तो किडनैपर्स ने बर्बरता दिखाते हुए उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर पट्टी चिपका दी। आरोपी कार को तेज रफ्तार में लेकर भाग ही रहे थे कि खैरागढ़ जिले की चिखली पुलिस चौकी के पास पुलिस की रूटीन चेकिंग चल रही थी। पुलिस टीम ने जब संदिग्ध कार को रोका, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से बेहद अजीब बहाना बनाया। उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा कि “महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है, इसलिए हाथ-पैर बांधकर अस्पताल ले जा रहे हैं।” हालांकि, मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने कार के भीतर बंधक बनी महिला को तुरंत पहचान लिया कि वे कोई और नहीं बल्कि पद्मश्री फूलबासन बाई यादव हैं।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फूलबासन बाई यादव को सुरक्षित मुक्त कराया और मौके से ही दो महिलाओं सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को हिरासत में लेकर सुकुलदैहान पुलिस चौकी लाया गया है, जहाँ पुलिस उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस सनसनीखेज अपहरण के पीछे की असली साजिश, मकसद (फिरौती या कोई पुरानी रंजिश) का खुलासा हो सके। महिला सशक्तिकरण की मिसाल मानी जाने वाली फूलबासन बाई के अपहरण के इस प्रयास की खबर फैलते ही पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है और लोग पुलिस की इस त्वरित नाकाबंदी की जमकर सराहना कर रहे हैं।

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