डेढ़ करोड़ का गैस घोटाला: 6 कैप्सूल ट्रकों से 90 टन LPG का गबन, पुलिस ने किया बड़े रैकेट का भंडाफोड़…NV News
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NV News- महासमुंद। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और गबन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि गैस से भरे 6 कैप्सूल वाहनों से लगभग 90 मीट्रिक टन (92,000 किलो) एलपीजी गायब कर दी गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह पूरा खेल तब उजागर हुआ जब कोर्ट के आदेश पर जब्त किए गए इन टैंकरों को उनके मालिक को सौंपा जाना था, लेकिन सुपुर्दगी के दौरान उनमें से गैस नदारद मिली।
जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि चोरी की इस वारदात को अभनपुर स्थित एक निजी परिसर में अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच योजनाबद्ध तरीके से गैस की अवैध निकासी की। जब्त दस्तावेजों के अनुसार, रिकॉर्ड में गैस की खरीद कम दिखाई गई थी, जबकि बिक्री का आंकड़ा काफी ज्यादा दर्ज था, जो सीधे तौर पर फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा था। जीपीएस ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण से इस पूरी साजिश की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती चली गईं।
इस घोटाले में ‘ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स’ के मालिकों और मैनेजरों की संलिप्तता पाई गई है। पुलिस की 40 सदस्यीय टीम ने चार दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि गैस को पहले प्लांट के बुलेट टैंक में खाली किया जाता था और फिर उसे बिना पक्के बिल के निजी टैंकरों के माध्यम से रायपुर और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से खपा दिया जाता था।
पुलिस ने मामले में एक आरोपी निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कंपनी के मालिक सार्थक ठाकुर, संतोष ठाकुर और प्लांट मैनेजर फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस घोटाले में कुछ विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत थी। इस घटना ने एक बार फिर ज्वलनशील पदार्थों के परिवहन और सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

