Jal Jeevan Mission – जल जीवन मिशन के कार्यों में भारी अनियमितता, एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में रोष…NV News

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NV News – मुंगेली। शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना मुंगेली जिले में भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। जिले की ग्राम पंचायत निरजाम में कराए गए कार्यों में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण एक बार फिर कलेक्टर जनदर्शन में गुहार लगाने पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कागजों तक ही सीमित है, जबकि धरातल पर करोड़ों की योजना का हाल बेहाल है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीणों ने इस संबंध में एक माह पहले ही आवेदन दिया था, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि ‘नल जल योजना’ के तहत गांव में पानी की टंकी का निर्माण तो करा दिया गया है और गलियों में पाइप भी बिछा दिए गए हैं, लेकिन तकनीकी और निर्माण के स्तर पर भारी गड़बड़ी की गई है। विभिन्न स्थानों पर टेप नल के स्टैंड तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर नलों में ‘टोंटी’ (टोटी) ही नहीं लगाई गई है। बिना टोंटी के ये नल केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गुणवत्ताहीन कार्य और ठेकेदार की मनमानी के कारण शासन के बजट का दुरुपयोग हो रहा है, जबकि जनता आज भी पानी के लिए भटक रही है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस पूरी योजना के क्रियान्वयन में संबंधित विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत है। निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है, जिससे बिछाई गई पाइपलाइन और अन्य ढांचे समय से पहले ही खराब होने लगे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जिस उद्देश्य से प्रधानमंत्री की इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लागू किया गया था, वह निरजाम पंचायत में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच करना उचित नहीं समझा।

कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि अब भी पूरे मामले की जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और दोषियों पर गाज नहीं गिरी, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच टीम मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करे कि कितने घरों में वास्तव में पानी पहुंच रहा है और निर्माण की गुणवत्ता क्या है। एक माह पूर्व दिए गए आवेदन पर कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मुंगेली जिले का यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार की शिकायतों ने सरकार की छवि को भी प्रभावित किया है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर के निर्देश के बाद क्या इस बार विभाग की नींद खुलती है या ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधा के लिए इसी तरह दफ्तरों के चक्कर काटते रहेंगे। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने घर के नलों में बहता हुआ पानी देखना चाहती है।

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