Child Abuse – मासूम से दरिंदगी: चॉकलेट दिलाने के बहाने किडनैप और दुष्कर्म, विरोध में थाना घेरकर पुलिस पर पथराव…NV News

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NV News – दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई है। भिलाई के पास स्थित एक गांव में एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की गई है। आरोपी ने मासूम को चॉकलेट दिलाने का झांसा देकर अगवा किया और फिर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस खबर के फैलते ही पूरे इलाके में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, जिसके परिणामस्वरूप आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

वारदात उस समय हुई जब मासूम अपने घर के पास खेल रही थी। आरोपी ने बच्ची की मासूमियत का फायदा उठाकर उसे लालच दिया और सुनसान जगह पर ले जाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, जिसके बाद इस खौफनाक सच्चाई का पता चला। गंभीर हालत में बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने भिलाई और दुर्ग के सुरक्षित होने के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, जिससे अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी डर व्याप्त है।

इस बर्बरता के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में लोग उतई थाने पहुंच गए। भीड़ ने आरोपी को तुरंत उनके हवाले करने या फांसी की सजा देने की मांग को लेकर पुलिस पर पथराव कर दिया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आने की भी खबर है। माहौल को बिगड़ता देख जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और अपहरण समेत दुष्कर्म की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दुर्ग एसपी ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि इस मामले की जांच फास्ट ट्रैक मोड में की जाएगी ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं से पुलिस का खौफ अपराधियों में खत्म होता जा रहा है, जिसे बहाल करने के लिए कठोर कार्रवाई जरूरी है।

फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। मासूम की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उसे हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। समाज के विभिन्न वर्गों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की पुरजोर निंदा की है और दोषियों को समाज के सामने एक उदाहरण पेश करने वाली सजा देने की मांग उठाई है। दुर्ग जिले में हुई इस वारदात ने एक बार फिर बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर गंभीर चर्चा छेड़ दी है।

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