गरियाबंद में नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: सातमारी पहाड़ियों से हथियारों का जखीरा बरामद, माओवादियों के ‘किलर डंप’ का पर्दाफाश…NV News
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गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस ने माओवाद के ताबूत पर आखिरी कील ठोकने वाली एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस बल की विशेष ‘E-30 आप्स टीम’ ने मैनपुर क्षेत्र के ग्राम बड़ेगोबरा स्थित सातमारी पहाड़ियों में छिपे माओवादियों के एक विशाल ‘हथियार डंप’ को खोज निकाला है। इस कार्यवाही में 2 नग एसएलआर (SLR) और 1 नग इंसास (INSAS) जैसे घातक ऑटोमैटिक हथियारों सहित बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों के खुलासे से खुली ‘डंप’ की पोल
यह पूरी कार्रवाई एक पुख्ता इंटेलिजेंस पर आधारित थी। जनवरी 2026 में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों ने पुलिस की कड़ी पूछताछ में खुलासा किया था कि ओडिशा राज्य कमेटी के शीर्ष नेताओं ने सातमारी की दुर्गम पहाड़ियों में भविष्य के हमलों के लिए हथियारों का जखीरा छिपा रखा है। इस इनपुट पर गरियाबंद जिला मुख्यालय से 16 फरवरी 2026 को विशेष टीम रवाना की गई, जिसने सघन सर्चिंग के बाद पहाड़ियों के बीच से हथियारों को ढूंढ निकाला।
बरामदगी का पूरा विवरण:
पुलिस द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मौके से निम्नलिखित युद्ध सामग्री बरामद की गई है:
हथियार: 02 नग एसएलआर, 01 नग इंसास और 01 नग 12 बोर हथियार।
मैग्जीन: 03 नग एसएलआर मैग्जीन और 01 नग इंसास मैग्जीन।
गोला-बारूद: 28 नग जिंदा एसएलआर कारतूस।
गरियाबंद में ‘नक्सल-मुक्त’ होने की ओर कदम
गरियाबंद पुलिस ने 26 जनवरी 2026 तक धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के लगभग सभी सूचीबद्ध नक्सलियों को मुख्यधारा में लाकर या निष्क्रिय कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाने में सफलता पाई है। इस डंप की बरामदगी के बाद अब जिले में माओवादी हिंसा की गुंजाइश लगभग खत्म मानी जा रही है।
सांख्यिकी: 2024 से अब तक की उपलब्धियां
31 माओवादी मुठभेड़ में ढेर।
29 नक्सलियों का सफल आत्मसमर्पण।
73 हथियार अब तक जब्त (31 ग्रेडेड, 42 अन्य)।
62.50 लाख रुपये की नकद राशि बरामद।
विशाल विस्फोटक भंडार: 326 डेटोनेटर, 14 IED और 57 BGL सेल की जब्ती।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे क्षेत्र में पूर्ण शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अब गरियाबंद नक्सलवाद की काली छाया से पूरी तरह मुक्त होने की कगार पर है।
