विशेष आलेख: सरलता, संकल्प और सुशासन के पर्याय बने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संदीप अखिल का विश्लेषण…NV News

Share this

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कार्यशैली एक नई परिभाषा लिख रही है। वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक संदीप अखिल ने अपने हालिया लेख में मुख्यमंत्री साय के व्यक्तित्व और उनके कार्यकाल के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला है। उन्होंने सीएम साय को ‘सरलता, संकल्प और सुशासन’ का एक अनूठा संगम बताया है। लेख के अनुसार, राज्य में पिछले कुछ समय में हुए बड़े प्रशासनिक निर्णय और जनहितकारी योजनाओं का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।

संदीप अखिल ने अपने लेख में रेखांकित किया है कि कैसे एक आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले नेता ने अपनी सादगी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है। मुख्यमंत्री साय की ‘सरलता’ का उदाहरण उनके द्वारा जनता से सीधा संवाद और आम लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने में झलकता है। वहीं, ‘संकल्प’ की बात करें तो मोदी की गारंटियों को समय सीमा के भीतर पूरा करना, जैसे महतारी वंदन योजना और किसानों को बकाया बोनस का भुगतान, उनकी प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।

लेख में ‘सुशासन’ (Good Governance) पर विशेष जोर देते हुए कहा गया है कि साय सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। छत्तीसगढ़ की जनता अब प्रशासन में बदलाव को महसूस कर रही है। संदीप अखिल के अनुसार, विष्णुदेव साय का नेतृत्व न केवल विकास की बात करता है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उनकी कार्यशैली में ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मूल मंत्र स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

यह लेख मुख्यमंत्री के उस विजन को भी प्रस्तुत करता है, जहाँ वे छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के लिए ‘विजन 2047’ की दिशा में काम कर रहे हैं। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, स्वास्थ्य का या बस्तर की शांति का मुद्दा, सीएम साय ने हर मोर्चे पर अपनी निर्णायक भूमिका स्पष्ट की है। यह लेख वर्तमान राजनीति में एक शालीन लेकिन सख्त प्रशासक के रूप में विष्णुदेव साय की उभरती छवि का विस्तृत चित्रण करता है।

Share this

You may have missed