Excise Crackdown – छत्तीसगढ़ में शराब सिंडिकेट पर सरकार का वार; अब मनमानी पड़ेगी भारी, ₹5 लाख तक लगेगा जुर्माना…NV News
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NV News – रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब के अवैध कारोबार और नियम विरुद्ध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने आबकारी कानूनों में आमूलचूल परिवर्तन किया है। मुख्यमंत्री और आबकारी विभाग की नई नीति के तहत अब शराब कारोबारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन करना बेहद महंगा साबित होगा। सरकार ने जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे 5 लाख रुपये तक कर दिया है। इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री, ओवररेटिंग और मिलावट जैसी शिकायतों पर लगाम लगाना है, जो पिछले लंबे समय से प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी हुई थीं।
आबकारी विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब यदि कोई शराब दुकान संचालक या लायसेंसी तय नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर सख्त आर्थिक दंड लगाया जाएगा। पहले जहां जुर्माने की राशि मामूली हुआ करती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक कर दिया गया है। ओवररेटिंग (निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री) के मामलों में भी अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले दुकानों के लायसेंस भी तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जा सकते हैं।
शराब के अवैध परिवहन और तस्करी को रोकने के लिए भी कानूनों को और अधिक धारदार बनाया गया है। अब अन्य राज्यों से शराब लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, शराब दुकानों के आसपास अनधिकृत रूप से चखना सेंटर या भीड़भाड़ जमा करने पर भी सख्त पाबंदी लगा दी गई है। नई नीति में डिजिटल मॉनिटरिंग और क्यूआर कोड स्कैनिंग को भी अनिवार्य किया जा रहा है, ताकि हर बोतल की ट्रेकिंग की जा सके और मिलावटी शराब के धंधे को पूरी तरह से बंद किया जा सके।
सरकार के इस फैसले से राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ पारदर्शी व्यवस्था कायम होने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करें और जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां तुरंत भारी जुर्माना वसूलें। कड़े कानूनों के लागू होने से उन बिचौलियों और अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसेगा जो शासन को करोड़ों का चूना लगा रहे थे। इसके अलावा, शराब दुकानों में सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता और कैश मेमो देना भी अब अनिवार्य होगा, जिसकी निगरानी जिला आबकारी अधिकारी स्वयं करेंगे।
छत्तीसगढ़ में आबकारी नियमों में किए गए इस बदलाव को राज्य की वित्तीय व्यवस्था और कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। शासन का कहना है कि यह केवल राजस्व का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा है। अवैध और जहरीली शराब के खतरे को खत्म करने के लिए 5 लाख तक का जुर्माना एक प्रभावी डर (Deterrent) के रूप में काम करेगा। अब देखना होगा कि इस कड़ाई के बाद शराब सिंडिकेट और दुकानों के संचालन में कितना सुधार आता है और आम जनता को अवैध गतिविधियों से कितनी राहत मिलती है।
