Crime News: केलों के ट्रक में छिपाकर ले जाया जा रहा 4.5 करोड़ का गांजा बरामद; अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार…NV News

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जिले के बार्डर चेकपोस्ट पर पुलिस ने केलों से लदे एक ट्रक को रोका, जिसकी तलाशी के दौरान करीब 4.5 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा बरामद हुआ। तस्करों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए केलों की पेटियों का सहारा लिया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी साजिश नाकाम हो गई। इस मामले में पुलिस ने झारखंड निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।

ऑपरेशन की पूरी कहानी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की सीमा से होकर एक ट्रक छत्तीसगढ़ के रास्ते दूसरे राज्यों की ओर जा रहा है, जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस ने हाईवे पर घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रक को रुकवाया। ट्रक में लदे केलों की पेटियों को हटाकर जब तलाशी ली गई, तो उसके नीचे गांजे के पैकेट बड़ी सफाई से छिपाए गए थे। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने यह तरीका इसलिए अपनाया था ताकि फल की महक से गांजे की तीक्ष्ण गंध को दबाया जा सके।

जांच के मुख्य बिंदु

बरामदगी: कुल गांजे की बाजार में कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।

तस्करी का तरीका: ट्रक में ऊपर से केले की पेटियां रखी गई थीं ताकि तलाशी के दौरान किसी को शक न हो।

आरोपी: गिरफ्तार आरोपी झारखंड का निवासी है, जिसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

आगे की कार्रवाई: पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) और इस खेप के अंतिम गंतव्य (Destination) की तलाश कर रही है।

नशे के खिलाफ महासमुंद पुलिस का अभियान

महासमुंद क्षेत्र ओडिशा और झारखंड के समीप होने के कारण नशा तस्करों के लिए एक प्रमुख कॉरिडोर माना जाता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजमार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस उन लोगों के नाम भी खंगाल रही है, जो इस अवैध व्यापार के पीछे पर्दे के पीछे से काम कर रहे हैं। नशा मुक्ति के इस अभियान में पुलिस की यह सफलता एक बड़ा संदेश है।

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