Coal Levy Scam: आईएएस समीर विश्नोई पर ED का बड़ा शिकंजा; पत्नी के नाम पर निवेशित 20 करोड़ की संपत्ति हुई जब्त…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के कोयला लेवी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित आईएएस समीर विश्नोई की करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह संपत्ति कथित तौर पर भ्रष्टाचार की कमाई से बनाई गई थी और इसे छिपाने के लिए उनकी पत्नी के नाम पर निवेश किया गया था।
घोटाले का बैकग्राउंड और मुख्य बिंदु
कोयला लेवी घोटाला मामले में ईडी का आरोप है कि प्रदेश में कोयला परिवहन के दौरान प्रति टन अवैध वसूली की जा रही थी। इस संगठित सिंडिकेट के तार तत्कालीन खनन विभाग से सीधे जुड़े हुए थे।
पॉलिसी में बदलाव: तत्कालीन खनिज निदेशक (IAS) समीर विश्नोई द्वारा 15 जुलाई 2020 को जारी एक आदेश के जरिए ऑनलाइन परिवहन परमिट को ऑफलाइन मोड में बदला गया था।
अवैध वसूली: इस बदलाव का सीधा फायदा कोयला सिंडिकेट को मिला, जिससे करीब 540-570 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का अनुमान लगाया गया है।
संपत्ति का खुलासा: ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी जांच में पाया कि समीर विश्नोई ने अवैध धन को विभिन्न बेनामी संपत्तियों, फ्लैटों और निवेशों में लगाया था। पत्नी के नाम पर की गई यह 20 करोड़ की संपत्ति उसी जांच का हिस्सा है।
आगे क्या?
यह कार्रवाई दर्शाती है कि ईडी न केवल इस मामले के मुख्य सरगनाओं, बल्कि उनके द्वारा अर्जित संपत्ति और निवेश के स्रोतों को भी खंगाल रही है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद, आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और अन्य मामलों में जांच का सामना कर रहे आरोपियों के लिए यह कुर्की की कार्रवाई एक बड़ा झटका है। ईडी की अगली नजर उन अन्य संपत्तियों पर है जो इस सिंडिकेट के प्रभाव में अर्जित की गई थीं।
