Chhattisgarh Road Alert: वायरल वीडियो के बाद CM साय ने संभाली सड़कों की कमान, कलेक्टरों को मौके पर जाने के निर्देश…NV News
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NV News रायपुर। अंबिकापुर के खरसिया चौक की बदहाल सड़क का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर सड़क की स्थिति की जानकारी ली और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में निर्माणाधीन और खराब सड़कों की नियमित निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान सड़कों को आवागमन के लिए सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने गड्ढों की मरम्मत, सड़क के समतलीकरण और जल निकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर सड़क की खराब स्थिति के कारण यातायात प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करने को कहा गया है।
कवर्धा में भी सड़क की स्थिति पर हुई कार्रवाई
बारिश के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव, गड्ढों, कीचड़ और निर्माण कार्यों के चलते सड़क यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। 13 सितंबर को कवर्धा में रायपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 की स्थिति का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मौके पर जायजा लिया था। उन्होंने अपना काफिला रुकवाकर अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे।
सिर्फ नई सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि पुरानी सड़कों का नियमित संधारण, बारिश के पानी की निकासी, निर्माणाधीन मार्गों पर सुरक्षित यातायात और समय पर मरम्मत भी सड़क व्यवस्था का अहम हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क या पुल क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर भी सवाल
सड़क निर्माण की गुणवत्ता और परियोजनाओं की धीमी गति को लेकर सरकार की ओर से पहले भी अधिकारियों को निर्देश दिए जाते रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों और पुल-पुलियों के नियमित निरीक्षण तथा खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत पर जोर दिया गया है। निर्माण कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही जाती रही है।
मानसून के दौरान एक बार फिर सड़क संबंधी समस्याएं सामने आने के बाद प्रशासन के सामने चुनौती केवल तत्काल गड्ढे भरने की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की भी है। मुख्यमंत्री के ताजा निर्देशों से अब जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सड़क किसी भी विभाग या एजेंसी के अधीन हो, संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करना होगा।
अब सरकार के इन निर्देशों की असली कसौटी जमीन पर दिखाई देने वाले परिणाम होंगे—खराब सड़कों की समय पर मरम्मत, जलभराव का समाधान और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार कितना प्रभावी होता है, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा।

