छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ सस्ता: अचल संपत्ति रजिस्ट्री पर 0.60% उपकर समाप्त, आम जनता को मिली बड़ी राहत…NV News
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छत्तीसगढ़ सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने और आम जनता को आर्थिक राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में अब अचल संपत्ति (जमीन, मकान, दुकान) की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर (सेस) पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। राज्य विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक’ के पारित होने के बाद इस फैसले को लागू कर दिया गया है, जिससे अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पहले की तुलना में काफी सस्ती हो जाएगी।
इस बदलाव का सीधा लाभ मध्यम वर्गीय परिवारों, किसानों और संपत्ति खरीदने वाले आम नागरिकों को मिलेगा। वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार, उपकर खत्म होने से रजिस्ट्री शुल्क में महत्वपूर्ण कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी संपत्ति का बाजार मूल्य 1 करोड़ रुपये है, तो अब नागरिकों को लगभग 60,000 रुपये की सीधी बचत होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल रियल एस्टेट कारोबार में तेजी आएगी, बल्कि आम लोगों के लिए अपना घर या जमीन खरीदना अधिक सुलभ और कम खर्चीला हो जाएगा।
राज्य सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए पहले ही कई अन्य सुधार किए हैं, जैसे कि स्वतः नामांतरण और आधार आधारित सत्यापन। अब 0.60% उपकर की समाप्ति ने इस प्रक्रिया को और भी अधिक किफायती बना दिया है। शासन का मुख्य उद्देश्य राजस्व के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को सुगम बनाना है। इस नई व्यवस्था के बाद संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया में अब लोगों का खर्च कम होगा और रजिस्ट्री का कार्य पहले से कहीं अधिक सरल हो गया है।
