MP-CG कनेक्टिविटी को लगेंगे पंख: जबलपुर-मंडला-चिल्पी NH-30 फोरलेन की DPR तैयार, सफर होगा आसान…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984’ में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए सरकार ने अब रिहायशी कॉलोनियों, व्यस्त बाजारों और कस्बों के भीतर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना अनिवार्य और सुलभ बना दिया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया वाहन मालिकों की ‘रेंज एंग्जायटी’ को खत्म करना है, ताकि उन्हें अब चार्जिंग के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और वे अपने घर या कार्यस्थल के पास ही वाहन चार्ज कर सकें।
राज्य सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब नेशनल और स्टेट हाइवे पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, नई विकसित होने वाली कॉलोनियों और व्यावसायिक परिसरों के पार्किंग एरिया में भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जगह आरक्षित करना जरूरी होगा। इस नीतिगत बदलाव से न केवल निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी छत्तीसगढ़ एक अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा। सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे की मजबूती से लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
इस संशोधन के बाद शहरों के मास्टर प्लान में भी ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए विशेष प्रावधान जोड़े जाएंगे। शॉपिंग मॉल, मल्टीलेवल पार्किंग और सार्वजनिक कार्यालयों में भी अब तेजी से चार्जिंग पॉइंट नजर आएंगे। परिवहन और आवास विभाग के इस संयुक्त प्रयास से प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को गति मिलेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि अब वे बिना किसी झिझक के इलेक्ट्रिक वाहन खरीद सकेंगे, यह जानते हुए कि उन्हें बिजली की खुराक उनके अपने मोहल्ले या बाजार में ही मिल जाएगी।

