छत्तीसगढ़ में मानसून पर ‘एल नीनो’ का साया: अब 18-19 जून तक मिलेगी दस्तक, जून के पहले पखवाड़े में लू और उमस बढ़ाएगी मुसीबत…NV News

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NV News- छत्तीसगढ़ के किसानों और आम जनता के लिए मौसम विभाग से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। इस साल प्रदेश में मानसून की रफ्तार पर ‘एल नीनो’ का विपरीत असर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके कारण मानसूनी हवाओं की गति काफी धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ताजा और संसोधित पूर्वानुमान के मुताबिक, इस वर्ष छत्तीसगढ़ में सामान्य से कम बारिश होने के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, जिससे खरीफ फसलों की बोआई और कृषि कार्यों को लेकर किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहले छत्तीसगढ़ में मानसून के 16 जून के आसपास पहुंचने की प्रबल संभावना जताई गई थी, लेकिन बदली हुई मौसमी परिस्थितियों के कारण अब इसकी तारीख आगे खिसक गई है। नए अनुमान के मुताबिक मानसून अब 18 से 19 जून के बीच बस्तर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन में हो रही इस देरी और धीमी रफ्तार की वजह से जून महीने के शुरुआती दो हफ्तों में मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को भीषण गर्मी, चिलचिलाती लू (हीटवेव) और अत्यधिक उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ेगा।

इस बीच, कृषि विशेषज्ञों ने राज्य के किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून की इस सुस्त चाल को देखते हुए फसलों की बोआई में जल्दबाजी न करें और मौसम की सटीक जानकारी के आधार पर ही अपने कदम उठाएं। मौसम विभाग का कहना है कि हालांकि शुरुआती चरण में केरल और देश के अन्य हिस्सों में मानसून ने समय पर दस्तक दी थी, लेकिन मध्य भारत की ओर बढ़ते समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उचित सिस्टम न बनने के कारण इसकी प्रगति प्रभावित हुई है। जून के मध्य के बाद ही प्रदेशवासियों को इस झुलसाने वाली गर्मी से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

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