धान खरीदी पर डिप्टी सीएम का सख्त तेवर: बोले- लापरवाही करने वाले अफसरों पर होगी सीधी कार्रवाई, किसान हित सर्वोपरि…NV News
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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है, और इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान खरीदी की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार किसानों की अपनी सरकार है, और यदि किसी भी उपार्जन केंद्र से किसानों को परेशान करने या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम का यह बयान उन शिकायतों के बाद आया है जिनमें कुछ केंद्रों पर तौल में गड़बड़ी और टोकन जारी करने में देरी की बातें सामने आ रही थीं। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो किसान अपनी उपज लेकर आ रहे हैं, उन्हें किसी भी हाल में केंद्रों पर अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि बारदाने की उपलब्धता और धान का उठाव समय पर हो, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और किसानों को उनकी मेहनत का फल बिना किसी बाधा के मिले।
उपमुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि अन्य राज्यों से आने वाले अवैध धान पर पैनी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि “कोचिया और बिचौलियों” के जरिए धान खपाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें, लेकिन इस प्रक्रिया में वास्तविक किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाएं ताकि धान खरीदी की पवित्रता बनी रहे।
धान खरीदी की बढ़ी हुई तारीख (5 फरवरी) का जिक्र करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए यह अतिरिक्त समय दिया है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे स्वयं केंद्रों का औचक निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं का जायजा लें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक-एक दाना धान खरीदा जाएगा और किसानों के खातों में भुगतान भी निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
राज्य सरकार के इस कड़े रुख से उपार्जन केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप है। डिप्टी सीएम के इस बयान को प्रशासन के लिए एक “अल्टीमेटम” के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष रिकॉर्ड धान खरीदी का है, और उपमुख्यमंत्री का यह हस्तक्षेप किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि वे किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत टोल-फ्री नंबर या विभाग को दें।
