Cattle Market Scam – नगर पालिका की बैठक में गूंजा मवेशी बाजार घोटाला, पार्षदों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग…NV News

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NV News – मुंगेली। मुंगेली नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक एक बार फिर हंगामेदार रही, जहां मवेशी बाजार घोटाले का मुद्दा पूरी धमक के साथ उठाया गया। पार्षदों ने नगर पालिका अधिकारी (CMO) को एक औपचारिक लिखित शिकायत सौंपते हुए इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय विभागीय जांच कराने की मांग की है। यह घोटाला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे नगर पालिका प्रशासन की साख पर गहरा धक्का लगा है। पार्षदों का आरोप है कि अब तक की गई कार्रवाई केवल ‘खानापूर्ति’ है और असली गुनहगार अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं।

बैठक के दौरान पार्षदों ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि मवेशी बाजार से जुड़े इस भ्रष्टाचार ने परिषद की छवि को बुरी तरह धूमिल किया है। शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर आम जनता में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। पार्षदों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि इस पूरे प्रकरण में केवल निम्न स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया और उन पर कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया, जबकि घोटाले की योजना बनाने वाले और बड़े आर्थिक लाभ कमाने वाले ‘सफेदपोश’ और रसूखदार अधिकारी अब भी पर्दे के पीछे सुरक्षित हैं।

पार्षदों ने प्रशासन की न्याय प्रणाली पर तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान में “बेगुनाहों को जेल और गुनेहगारों को बेल” जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की दिशा भटकाकर केवल छोटे कर्मचारियों को दोषी ठहराना प्रशासनिक अन्याय की पराकाष्ठा है। परिषद की बैठक में यह मांग प्रमुखता से उठी कि वास्तविक जिम्मेदारों की भूमिका स्पष्ट की जाए और यह पता लगाया जाए कि मवेशी बाजार के राजस्व में सेंध लगाने के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है। पार्षदों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे निर्दोषों की प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं करेंगे।

प्रशासन से की गई शिकायत में यह स्पष्ट किया गया है कि जांच का दायरा विस्तृत होना चाहिए। पार्षदों ने मांग की है कि जांच इस तरह से की जाए जिससे किसी भी निर्दोष कर्मचारी को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित न किया जाए, लेकिन जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल है, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी नहीं किए गए, तो वे इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज और बुलंद करेंगे।

नगर पालिका मुंगेली में मवेशी बाजार घोटाला पिछले काफी समय से विवादों की जड़ बना हुआ है। राजस्व की बड़ी हानि और फर्जीवाड़े के इस मामले में अब पार्षदों की एकजुटता ने अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर की जनता भी अब यह जानना चाहती है कि आखिर वह कौन सा ‘प्रभावशाली’ चेहरा है जिसे बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों की बलि दी जा रही है। अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वह इस घोटाले की परतों को खोलकर असली गुनहगारों को सलाखों के पीछे भेजता है या फिर यह मामला भी पुरानी फाइलों की तरह दबा दिया जाएगा।

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