बस्तर की नई इबारत: जन्मदिन से पहले दंतेवाड़ा पहुंचे सचिन तेंदुलकर, आदिवासी बच्चों संग बिताए यादगार पल…NV News
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NV News- क्रिकेट के ‘भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने जन्मदिन (24 अप्रैल) से ठीक दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले का दौरा कर एक नई उम्मीद जगाई है। बस्तर, जो कभी माओवाद और हिंसा के कारण चर्चा में रहता था, अब अपनी पहचान बदल रहा है। सचिन का यह दौरा इसी बदलाव का प्रतीक है। वे दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव पहुंचे, जहाँ उन्होंने न केवल आदिवासी बच्चों से मुलाकात की, बल्कि उनके साथ खेल के मैदान में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
सचिन तेंदुलकर ने यहाँ अपनी फाउंडेशन और ‘माणदेशी फाउंडेशन’ के सहयोग से शुरू किए गए ‘मैदान कप’ (Maidan Cup) अभियान के तहत एक बहु-उद्देश्यीय खेल मैदान का उद्घाटन किया। यह पहल दंतेवाड़ा के 50 खेल मैदानों को आधुनिक बनाने की योजना का हिस्सा है, जिससे 5,000 से अधिक आदिवासी बच्चों को खेल की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। सचिन ने बच्चों को अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। रस्साकशी (tug-of-war) जैसे खेलों में बच्चों के साथ घुलते-मिलते सचिन को देखकर स्थानीय लोगों और छात्रों में भारी उत्साह था।
एक नए ‘नक्सल-मुक्त’ बस्तर की तस्वीर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सचिन के इस दौरे को ‘बस्तर के लिए नई शुरुआत’ बताया है। राज्य के नक्सल-मुक्त होने की घोषणा के कुछ हफ्तों बाद ही सचिन का यहाँ आना विकास, आत्मविश्वास और खेल भावना के एक नए युग का संकेत है। क्रिकेट के दिग्गज का बच्चों को ऑटोग्राफ देना और उनके सपनों को प्रोत्साहित करना, बस्तर की बदलती तस्वीर को बयां करता है। यह यात्रा न केवल स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, बल्कि इसने बस्तर को खेल और शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।
