Raipur Health News: छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा, 15 अस्पतालों को थमाया नोटिस; दूसरे राज्यों से मरीज लाकर कर रहे थे भर्ती…NV News
Share this
NV News रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी कार्रवाई के तहत आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। योजना के तहत इलाज में हो रही अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद प्रदेश के 15 निजी अस्पतालों को आधिकारिक तौर पर स्पष्टीकरण नोटिस थमाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन सभी आरोपी अस्पतालों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर इनमें से आठ अस्पतालों ने तो अपना जवाब विभाग को सौंप दिया है, जबकि शेष सात अस्पतालों के जवाब का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये अस्पताल पड़ोसी राज्यों से मरीजों को जबरन लाकर अपने यहाँ भर्ती कर रहे थे और योजना का दुरुपयोग कर रहे थे। इसके अलावा मरीजों की फर्जी भर्ती, इलाज के नाम पर गलत पैकेज का इस्तेमाल और दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ियों से जुड़ी कई अन्य शिकायतें भी सामने आई थीं।
विभाग अब अस्पतालों की तरफ से मिले इन जवाबों और पूर्व में तैयार की गई पूरी जांच रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। इसके आधार पर आगे की कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने की पूरी तैयारी चल रही है, ताकि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में इस तरह की धांधली को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण जनहित योजना में इस तरह का फर्जीवाड़ा आम जनता के अधिकारों के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। यदि जांच में अस्पताल दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनके खिलाफ और भी सख्त पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस पूरे प्रकरण की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद स्थानीय मरीजों तक ही पहुँचे। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है।

