Chhattisgarh Politics: महादेव ऐप केस में विकास गर्ग की गिरफ्तारी पर भड़के पूर्व CM भूपेश बघेल, BJP पर दागे 5 तीखे सवाल…NV News

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NV News रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ का राजनीतिक तापमान एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग की दिल्ली स्थित आवास से हुई गिरफ्तारी के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट साझा कर इस कार्रवाई के बहाने भाजपा और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच कथित साठगांठ को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

भूपेश बघेल ने भाजपा और केंद्र सरकार पर दागे ये बड़े सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने विकास गर्ग के भाजपा से कथित संबंधों का हवाला देते हुए सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से निम्नलिखित तीखे सवाल पूछे हैं:

पार्टी से संबंध पर चुप्पी क्यों?

भूपेश बघेल ने दावा किया कि गिरफ्तार आरोपी विकास गर्ग भाजपा दिल्ली के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा अब यह स्वीकार करेगी कि उसके खुद के पदाधिकारी इस बड़े सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े हुए थे?

चुनावी चंदे और बॉन्ड का क्या कनेक्शन?

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि महादेव ऐप के अवैध पैसों को वैध बनाने और जांच एजेंसियों से संरक्षण देने के बदले क्या सत्तापक्ष को किसी तरह का आर्थिक लाभ मिला?

जांच में देरी पर उठाया सवाल:

बघेल ने पूछा कि जब इस मामले के तार इतने रसूखदार लोगों से जुड़े थे, तो केंद्रीय एजेंसियों को इन मुख्य चेहरों तक पहुंचने में इतना लंबा वक्त क्यों लगा? क्या पहले केवल विपक्ष के नेताओं को बदनाम करने के लिए चुनिंदा कार्रवाई की जा रही थी?

एजेंसियों के निष्पक्षता पर घेरा:

उन्होंने पूछा कि क्या केंद्रीय एजेंसियां अब भाजपा से जुड़े इस बड़े नेटवर्क की भी उतनी ही मुस्तैदी और कड़ाई से जांच करेंगी, जितनी तत्परता वे विपक्षी नेताओं को घेरने में दिखाती हैं?

सट्टेबाजी ऐप को पूरी तरह बैन करने में ढिलाई क्यों?

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि आखिर केंद्र सरकार देश के भीतर महादेव ऐप और उससे जुड़े अन्य सट्टेबाजी नेटवर्क्स को पूरी तरह से प्रतिबंधित (ब्लॉक) करने और मुख्य प्रमोटरों को दुबई से भारत लाने में अब तक नाकाम क्यों रही है?

चुनावी दौर से ही महादेव ऐप पर जारी है आर-पार

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान भी महादेव ऐप का मुद्दा सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बना था, जब ईडी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर करोड़ों रुपये के लेन-देन के आरोप लगाए थे, जिसे कांग्रेस ने हमेशा राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया है। अब विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस को भाजपा पर पलटवार करने का एक बड़ा मौका मिल गया है, जिससे आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की विधानसभा से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।

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