CG AI Road Inspection: छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण; उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला…NV News
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NV News रायपुर, 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को हाई-टेक बनाने के लिए राज्य सरकार एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को पूरी तरह पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द मैदानी स्तर पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की ऑटोमैटिक जांच
समीक्षा बैठक के दौरान इस आधुनिक तकनीक की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं:
विशेष ऐप और डैशबोर्ड तैयार: इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित डिजिटल निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए एक कस्टमाइज्ड एआई आधारित ऐप और केंद्रीयकृत डैशबोर्ड तैयार कर लिया गया है।
खुद कमियां ढूंढेगा सिस्टम: सड़क पर चलते हुए रिकॉर्ड होने वाले वीडियो के जरिए एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप (ऑटोमैटिक) पहचान कर उसका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की रियल टाइम (वास्तविक) स्थिति का सटीक डेटा मिलेगा और कागजी गड़बड़ियों या भ्रामक जानकारियों पर पूरी तरह रोक लगेगी।
क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता और कल से पायलट प्रोजेक्ट
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस तकनीक के व्यापक लाभ बताते हुए आगे की कार्ययोजना साझा की:
“एआई तकनीक से प्राप्त वैज्ञानिक आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की ग्रेडिंग प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) का बजट बनाकर तुरंत पैचवर्क और मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी बजट का सही उपयोग होगा और ग्रामीणों का सफर सुरक्षित बनेगा।”
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से अमलीजामा पहनाने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू कर दिया जाए। इन शुरुआती नतीजों के विश्लेषण के बाद इसे पूरे छत्तीसगढ़ में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस इस्तेमाल से सड़कों की उम्र बढ़ेगी और समय पर मेंटेनेंस होने से जनता को परेशानी नहीं होगी।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में तकनीकी प्रस्तुतीकरण के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, सचिव धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य तमाम वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी उपस्थित थे।

