छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान: रायपुर पहुंचे केंद्रीय पर्यटन महानिदेशक सुमन बिल्ला; मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में दिया ‘सतत समृद्धि’ का गुरुमंत्र…NV News

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NV News रायपुर, 5 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसी सिलसिले में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक (पर्यटन) सुमन बिल्ला राजधानी रायपुर पहुंचे। रायपुर विमानतल (एयरपोर्ट) पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारती दासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक (एमडी) विवेक आचार्य ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

सुमन बिल्ला नवा रायपुर के भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर 3.0 में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने आए हैं।

इन 6 प्रमुख क्षेत्रों के विकास पर बनी सहमति

एयरपोर्ट पर आगमन के बाद सुमन बिल्ला और राज्य के पर्यटन अधिकारियों के बीच छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए रणनीतिक बैठक हुई। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में मौजूद अपार संभावनाओं वाले इन क्षेत्रों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष बल दिया गया:

इको और वाइल्डलाइफ टूरिज्म: राज्य की समृद्ध जैव विविधता और राष्ट्रीय उद्यानों को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करना।

जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन: बस्तर और अन्य अंचलों की अनूठी आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक रहन-सहन और त्योहारों को अंतरराष्ट्रीय मंच देना।

धार्मिक एवं पुरातात्विक पर्यटन: सिरपुर, राजिम और अन्य ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों के अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करना।

होम-स्टे (गृह-आवास) व्यवस्था: पर्यटकों को छत्तीसगढ़िया संस्कृति का सजीव अनुभव देने के लिए ग्रामीण इलाकों में होम-स्टे को बढ़ावा देना।

पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प: छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यंजनों और गढ़बो कलेवा के साथ-साथ कोसा, बेलमेटल और बंबू क्राफ्ट को पर्यटन उद्योग से जोड़ना।

डिजिटल मार्केटिंग: देश-विदेश के सैलानियों को रिझाने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आक्रामक प्रचार-प्रसार करना।

रोजगार सृजन और प्रकृति की सुरक्षा का अनूठा मॉडल

चिंतन शिविर का मुख्य विषय: दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में केंद्रीय महानिदेशक सुमन बिल्ला ने “सतत समृद्धि के आधार के रूप में पर्यटन : छत्तीसगढ़ में आजीविका सृजन, संस्कृति का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा” विषय पर अपना विशेष व्याख्यान दिया। इसके बाद उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ “आगे की राह – विचार मंथन” नामक एक संवादात्मक (इंटरैक्टिव) सत्र का संचालन भी किया।

बैठक और सत्रों में इस बात पर पूर्ण सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन का विकास इस तरह किया जाएगा जिससे स्थानीय समुदायों और ग्रामीणों को आजीविका (रोजगार) मिले। स्थानीय युवाओं में उद्यमिता (बिजनेस) को बढ़ावा देकर ग्रामीण इकोनॉमी को मजबूत किया जाएगा, ताकि आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ जंगलों, पहाड़ों और जनजातीय परंपराओं का मूल स्वरूप भी सुरक्षित रहे।

केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय और छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के बीच बेहतर तालमेल से अब केंद्र की विभिन्न योजनाओं (जैसे स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना) का अधिकतम बजटीय लाभ राज्य को मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

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