बालोद में देवजातरा से पहले भड़का विवाद: बैरिकेड के पास कबूतर की कथित बलि से तनाव, ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने…NV News
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NV News बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम तुएगोंदी में शनिवार को आदिवासी समाज की बहुप्रतीक्षित और पारंपरिक ‘संरक्षण देवजातरा’ का बड़ा आयोजन होना निश्चित हुआ है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन से ठीक एक दिन पहले, यानी शुक्रवार को क्षेत्र में एक विवादित घटना घटित हो गई। इस घटना के बाद तुएगोंदी और आसपास के ग्रामीण अंचलों में कुछ समय के लिए भारी आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस महकमा तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस द्वारा लगाए गए एक बैरिकेड के समीप अज्ञात तत्वों द्वारा कथित तौर पर एक कबूतर की बलि दे दी गई। जैसे ही इस बात की भनक स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समाज के प्रमुखों को लगी, वे इसे अपनी धार्मिक मान्यताओं, पावन परंपराओं और देवजातरा की शुद्धता के साथ एक बड़ा खिलवाड़ व सोची-समझी साजिश मानने लगे। देखते ही देखते ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व समाज के लोग इकट्ठा होकर घटना स्थल पर पहुंच गए, जिससे वहां पर माहौल पूरी तरह गर्मा गया।
ग्रामीणों के भारी विरोध और आक्रोश को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिस बल और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। ग्रामीण इस घृणित कृत्य को अंजाम देने वाले दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए। स्थानीय जनभावनाओं को आहत होने से बचाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई का कड़ा भरोसा दिए जाने के बाद ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया जा सका।
फिलहाल, शनिवार को होने वाली ऐतिहासिक ‘संरक्षण देवजातरा’ को शांतिपूर्ण और निर्विघ्न ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे तुएगोंदी गांव और डौंडीलोहारा क्षेत्र में भारी मात्रा में अतिरिक्त पुलिस बल (Police Force) की तैनाती कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान पैनी नजर रखे हुए हैं और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और समाज प्रमुखों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा क्षेत्र में आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है।

