जशपुर के प्रसिद्ध खुड़िया रानी मंदिर का होगा कायाकल्प, सीएम विष्णुदेव साय ने दिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश…NV News

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NV News जशपुर: छत्तीसगढ़ के वनांचल और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जशपुर जिले में धार्मिक पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष दिशा-निर्देशों के बाद जिले के अत्यंत प्रसिद्ध और आस्था के प्रमुख केंद्र ‘खुड़िया रानी मंदिर’ के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर आने वाले दूर-दराज के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि इस पवित्र स्थल को राज्य के एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में स्थापित किया जा सके।

शासकीय योजना के मुताबिक, खुड़िया रानी मंदिर परिसर और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में आधारभूत ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को बेहद मजबूत और व्यवस्थित किया जाएगा। इसके तहत मंदिर तक पहुंचने वाले पहुंच मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही परिसर में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, आधुनिक विश्राम गृह, सुलभ शौचालय, पर्याप्त लाइटिंग और वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग जोन जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले भक्तों का अनुभव सुखद हो सके।

खुड़िया रानी मंदिर जशपुर जिले के स्थानीय निवासियों और विशेष रूप से जनजातीय समाज की अगाध आस्था का केंद्र है। हर साल यहां छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मन्नतें मांगने और दर्शन करने पहुंचते हैं। पहाड़ी और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित होने के कारण यहां धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ईको-टूरिज्म (पर्यावरण पर्यटन) की भी अपार संभावनाएं हैं। सरकार की इस नई पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय के इन निर्देशों के बाद जिला प्रशासन जशपुर और पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों ने मंदिर क्षेत्र का तकनीकी सर्वे शुरू कर दिया है। विकास कार्यों का एक विस्तृत और एकीकृत प्राक्कलन (मास्टर प्लान) तैयार कर जल्द ही शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, ताकि तय समय-सीमा के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर धरातल पर काम शुरू कराया जा सके। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इस कदम से जशपुर जिले को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट और नई पहचान हासिल होगी।

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