Innovation News: 7 गांवों में बिना हेलमेट बाइक छूना भी मना, महिला कमांडो की अनूठी पहल लाई रंग…NV News
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NV News बालोद: सड़क दुर्घटनाओं में असमय जान गंवाने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेंज के आईजी (आईजीपी) अभिषेक शांडिल्य बेहद चिंतित थे। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में लापरवाही और हेलमेट न पहनने के कारण होने वाले घातक हादसों पर लगाम लगाना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसी बीच, सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालीं पद्मश्री शमशाद बेगम अपनी महिला कमांडो टीम की गतिविधियों को लेकर आईजी शांडिल्य से मुलाकात करने पहुंचीं, जहां इस गंभीर विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
आधिकारिक मुलाकात और चर्चा के दौरान आईजी अभिषेक शांडिल्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली बाइक दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों को जागरूक करने में महिला कमांडो की जमीनी पकड़ तथा उनकी प्रभावी भूमिका पर महत्वपूर्ण सुझाव मांगा। आईजी के इस सकारात्मक विचार और चिंता को समझते हुए पद्मश्री शमशाद बेगम ने तुरंत इस दिशा में काम करने का फैसला लिया। उन्होंने अपनी अनुशासित और सक्रिय महिला कमांडो टीम के साथ मिलकर ग्रामीण स्तर पर एक व्यापक और अनूठा सुरक्षा अभियान शुरू करने का कड़ा निर्णय लिया।
इस संयुक्त सोच और इच्छाशक्ति का नतीजा यह हुआ कि आज बालोद जिले के 7 गांवों को पूरी तरह से ‘हेलमेट अवेयरनेस विलेज’ (हेलमेट जागरूक गांव) के रूप में तब्दील कर दिया गया है। इन गांवों में महिला कमांडो ने नियम इतने सख्त और प्रभावी बना दिए हैं कि अब वहां बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल या किसी भी दोपहिया वाहन को हाथ लगाना या छूना भी पूरी तरह से मना है। गांव के प्रवेश द्वारों से लेकर गलियों तक में महिला कमांडो की टीमें मुस्तैद रहती हैं, जो बिना हेलमेट घर से निकलने वाले वाहन चालकों को रोककर उन्हें सुरक्षा का पाठ पढ़ाती हैं।
महिला कमांडो की इस अनूठी और भावुक पहल का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। जिन गांवों में पहले लोग हेलमेट पहनने को बोझ समझते थे, आज वहां शत-प्रतिशत ग्रामीण खुद की सुरक्षा के लिए अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाकर ही सड़कों पर निकल रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने भी महिला कमांडो के इस जज्बे और कार्यशैली की सराहना की है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब दुर्ग रेंज के अन्य जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह के ‘हेलमेट अवेयरनेस विलेज’ विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि सड़क हादसों को शून्य पर लाया जा सके।

