सीएम विष्णुदेव साय ने श्रमिक परिवारों के 22 होनहारों को बांटे ₹44 लाख: बोले- अब मजदूरों के बच्चे भी बनेंगे डॉक्टर, इंजीनियर और कलेक्टर…NV News
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NV News- CM Noni-Babu Yojana Event: “श्रमिक अपने श्रम, समर्पण और कठिन परिश्रम से देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं अभावों में रहकर दूसरों को सुख-सुविधाएं देते हैं, इसलिए वे वास्तव में देश के सच्चे निर्माता हैं। हमारी सरकार की स्पष्ट मंशा है कि अब श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रहें, बल्कि वे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और कलेक्टर (प्रशासक) बनकर छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करें।” यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा आयोजित ‘मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए कही।
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर आयोजित इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री साय ने ‘मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना’ के तहत एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची (Top-10) में जगह बनाने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 होनहार बच्चों को ₹2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में 10वीं के 9 और 12वीं के 13 छात्र शामिल हैं, जो रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, गरियाबंद, सक्ती, बलौदाबाजार, रायगढ़ और कांकेर जैसे विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते हैं।
28 हजार से अधिक परिवारों को करोड़ों की सौगात
इस भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीधे बटन दबाकर (DBT के माध्यम से) राज्य के 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के बैंक खातों में कुल ₹7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की। यह राशि मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, साइकिल व औजार सहायता, और निशुल्क गणवेश-पुस्तक सहायता जैसी महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के उत्थान के लिए करीब 70 प्रकार की योजनाएं चला रही है।
पीएम मोदी के नेतृत्व और श्रम सुधारों को किया याद
मुख्यमंत्री साय ने तत्कालीन केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री (2014-2019) के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रमिक हितेषी निर्णयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले श्रमिकों को नौकरी बदलने पर भविष्य निधि (PF) निकालने में भारी दिक्कत होती थी, जिसका समाधान पीएम मोदी ने ‘यूनिवर्सल पीएफ नंबर’ (UAN) लागू करके किया। इसके अलावा न्यूनतम पेंशन और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी ऐतिहासिक व्यवस्थाएं भी उन्हीं के नेतृत्व में संभव हुईं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत
समारोह की अध्यक्षता कर रहे श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि योजना के तहत मेधावी बच्चों को ₹1 लाख पढ़ाई के लिए और ₹1 लाख दोपहिया वाहन (स्कूटी/बाइक) खरीदने के लिए दिए जा रहे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने मंडल द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी नीतियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री साय ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत सर्किट हाउस परिसर में पौधारोपण किया और समस्त प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के इस महाभियान को जनांदोलन बनाने की भावुक अपील की।

