हवाईअड्डे पर सुरक्षा में बड़ी चूक: मरम्मत कार्य के दौरान 30 फीट नीचे गिरा कर्मी, तोड़ा दम…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (माना) से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एयरपोर्ट परिसर के भीतर पहली मंजिल पर फॉल्स सीलिंग की लाइटें सुधारने और मेंटेनेंस कार्य के दौरान एक संविदा बिजली कर्मी (इलेक्ट्रीशियन) करीब 30 फीट की ऊंचाई से सीधे कंक्रीट के फर्श पर नीचे आ गिरा। इस भीषण हादसे में सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण युवक की मौत हो गई।
घटना सुबह करीब 11 बजे की है, जब एयरपोर्ट के ‘सिक्योरिटी होल्ड एरिया’ में बोर्डिंग गेट नंबर 7 और 8 के पास मरम्मत का काम चल रहा था। मृतक युवक की पहचान कुबेर चंद साहू के रूप में हुई है, जो पिछले 5-6 महीनों से एक ठेका एजेंसी के तहत इलेक्ट्रीशियन का काम कर रहा था।
भीषण गर्मी के चक्कर में बिगड़ा संतुलन, सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रबंधन और वहां मौजूद सुरक्षा अमले में हड़कंप मच गया। घटना को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी और चश्मदीदों की तरफ से अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं:
चक्कर आने का अंदेशा: रायपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पहली मंजिल पर काम करने के दौरान अत्यधिक और भीषण गर्मी के कारण कुबेर चंद साहू को अचानक चक्कर आ गया, जिससे वह बेहोश होकर फॉल्स सीलिंग से असंतुलित होकर सीधे नीचे गिर पड़ा।
सेफ्टी उपकरणों की कमी का आरोप: दूसरी ओर, प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि इतनी ऊंचाई पर काम करने के बावजूद मजदूर को कोई सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट या आवश्यक सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे। बिना सुरक्षा मानकों के इतने जोखिम भरे काम की अनुमति देने को लेकर ठेकेदार और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम, जांच में जुटी पुलिस
फर्श पर गिरते ही कुबेर लहूलुहान होकर अचेत हो गया। एयरपोर्ट प्रबंधन ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए उसे तत्काल एयरपोर्ट की एम्बुलेंस से नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया।
माना थाना पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई है। पुलिस की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी या नहीं। वहीं, एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि ठेकेदार एजेंसी के समन्वय से पीड़ित परिवार को नियमानुसार हर संभव सहायता और मुआवजा प्रदान किया जा रहा है।

