नक्सलवाद पर बड़ी चोट: 5 लाख की इनामी महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी का सरेंडर…NV News

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NV News- जगदलपुर: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। 5 लाख रुपये की इनामी खूंखार महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। लक्ष्मी ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। यह सरेंडर सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली कैडरों के गिरते मनोबल का संकेत माना जा रहा है।

आत्मसमर्पण करने वाली पोडियम लक्ष्मी मूलतः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह लंबे समय से छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की दुर्गम सीमाओं पर नक्सली गतिविधियों का संचालन कर रही थी। कई बड़ी वारदातों में शामिल रहने के कारण सुरक्षाबलों को उसकी लंबे समय से तलाश थी और शासन ने उसकी गिरफ्तारी पर भारी इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस अधिकारियों ने इस समर्पण को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी रणनीतिक कामयाबी बताया है।

पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि पोडियम लक्ष्मी माओवादी संगठन के भेदभावपूर्ण व्यवहार और खोखली विचारधारा से परेशान थी। शासन की पुनर्वास नीतियों और क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों ने उसे हथियार डालने के लिए प्रेरित किया। आत्मसमर्पण के बाद अब उसे सरकार की पुनर्वास योजना के तहत आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वह एक गरिमापूर्ण जीवन की नई शुरुआत कर सके।

सुरक्षाबलों का कहना है कि पोडियम लक्ष्मी के सरेंडर से संगठन की अंदरूनी कार्यप्रणाली और सीमावर्ती ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। पिछले कुछ समय में बस्तर और उससे सटे राज्यों की सीमाओं पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व में हलचल है। लक्ष्मी का आत्मसमर्पण अन्य सक्रिय नक्सलियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि वे हिंसा छोड़कर शांति का मार्ग चुन सकते हैं।

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